भभुआ/औरंगाबाद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहले चरण के मतदान के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ‘विजय पथ पर अग्रसर’ है जबकि महागठबंधन का ‘गुब्बारा फूट चुका’ है।
बिहार के भभुआ में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा “पहले चरण के चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग )में खुशी का माहौल है जबकि कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का इको सिस्टम खुद कह रहा है कि ‘फिर एक बार राजग सरकार’। विरोधियों ने बिहार के युवाओं को भ्रमित करने की बहुत कोशिश की लेकिन उनकी सारी योजना विफल हो गई। बिहार का जागरूक नौजवान जानता है कि राजद-कांग्रेस के इरादे क्या हैं।”
उन्होंने कहा “जंगलराज के युवराज से जब झूठे वादों के बारे में पूछा जाता है कि उन्हें कैसे पूरा करेंगे तो कहते हैं कि ‘हमारे पास प्लान है।’ लेकिन जब पूछा जाता है कि ‘प्लान क्या है’ तो उनके पास कोई जवाब नहीं होता।”
राजद पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री ने कहा “राजद का प्लान रोजगार देने का नहीं बल्कि रंगदारी वसूलने का है। उनके प्रचार गीतों में भी यही झलकता है—‘आएगी भइया की सरकार बनेंगे रंगदार।’ यानी इनकी योजना है कि सरकार आते ही अपहरण और रंगदारी का धंधा फिर से शुरू हो जाएगा। राजद वालों का एक और गाना चल रहा है—‘भइया के आवे दे सत्ता कट्टा सट्टा के उठा लेब घरवा से।’ ऐसे लोग जनता की सेवा नहीं बल्कि कट्टा दिखाकर जनता को लूटने की तैयारी में हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलराज के दौर में बिहार में विकास की हर संभावना की “भ्रूण हत्या” कर दी गई थी। उन्होंने कहा “कैमूर की धरती को प्रकृति ने बहुत कुछ दिया है। यह पर्यटन के लिहाज से एक आकर्षक स्थल बन सकता था लेकिन जंगलराज ने इसे कभी विकसित नहीं होने दिया। जहां कानून का राज न हो वहां कोई पर्यटक जाएगा क्या ”
उन्होंने कहा “नीतीश जी के नेतृत्व में इस क्षेत्र को उस भयावह स्थिति से बाहर निकाला गया है। अब धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। पहले जिन जलप्रपातों के आसपास माओवादियों का डर था वहां अब रौनक है। तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। नक्सलवाद और माओवाद का अंत हो रहा है और यहां उद्योग व पर्यटन की नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं।”
प्रधानमंत्री ने जनता से अपील की “राजद के जंगलराज को लौटने मत दीजिए। यह चुनाव तय करेगा कि बिहार विकास के मार्ग पर आगे बढ़ेगा या फिर अंधेरे में लौट जाएगा।”उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अब “जंगलराज नहीं जनकल्याण” चाहते हैं और यह केवल राजग सरकार ही दे सकती है।
इससे पहले औरंगाबाद में मोदी ने कहा कि बिहार के पहले चरण के विधानसभा चुनाव में लगभग 65 प्रतिशत मतदान हुआ और राज्य की जनता महिलाएं किसान और युवा ने पिछले रिकार्ड तोड़कर मतदान कर दिखाया है। मोदी ने विश्वास जताया कि बिहार की जनता फिर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को जीत दिलाएगी।अपने चुनावी भाषण में मोदी ने कहा ‘‘बिहार के लोगों ने रिकॉर्ड तोड़ा है। महिलाओं ने भी सभी रिकॉर्ड तोड़े।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के घोषणा-पत्र पर बात नहीं करते और उसे ‘झूठों का गुच्छा’ करार दिया। मोदी ने कहा कि बिहार की जनता को उनके और मुख्यमंत्री नितीश कुमार के कार्यों पर भरोसा है और राज्य पर पवित्र गंगा की कृपा बनी हुई है।मोदी ने केंद्र एवं राज्य सरकारों की उपलब्धियों का सिलसिलेवार जिक्र करते हुए कहा कि दोगुनी इंजन वाली राजग सरकार बिहार के भविष्य के विकास — विनिर्माण फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स समेत सभी सेक्टरों में — योजनाबद्ध विकास पर काम कर रही है। उन्होंने कहा ‘‘जो कुछ मैंने वादा किया मैंने पूरा किया’’ और उन्होंने इसके लिए राम मंदिर निर्माण जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना तथा बाहरी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख किया।
सैन्य सुविधाओं को लेकर प्रधानमंत्री ने एक रैंक-एक पेंशन (ओरोओपी ) लागू करने और रिटायर्ड सैनिकों के खातों में करीब 1 लाख करोड़ रुपए हस्तांतरित करने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि राजद व कांग्रेस के लोग रोजगार देने के बारे में सोच भी नहीं सकते और जिन नेताओं को उन्होंने जंगलराज कहा वे जमानत पर बाहर हैं। मोदी ने नक्सलवाद पर भी नोट किया कि नीतीश कुमार के शासन में हिंसा पर अंकुश लगा है और इस बार मतदाता भय के बिना मतदान करने आए।
चुनाव आयोग की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मतदान सुचारू रूप से हुआ और विदेशी पर्यवेक्षक भी मतदान देखने आए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर राजद सत्ता में आई तो कट्टा दुनाली फिरौती और रंगदारी जैसी घटनाएं सामान्य हो जाएंगी और बिहार कट्टा सरकार नहीं चाहता।
मोदी ने ग्रामीण और महिलाओं के लिए लागू की गई पहलें गिनाईं — ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं — और कहा कि विपक्ष यह आरोप लगाता है कि केंद्र ये लाभ वापस लेगा जो ‘गलत’ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने छोटे किसान के बारे में कभी नहीं सोचा। उन्होंने कुछ नेताओं द्वारा धार्मिक आयोजनों तथा छठी मईया के प्रति कथित अपमान का जिक्र करते हुए कहा कि जनता उन्हें सजा देगी और मतदान के जरिए उनका प्रतिशोध संभव है। मोदी ने अंतिम संदेश में बिहारवासियों से 14 नवंबर के बाद विजय उत्सव की तैयारी करने को कहा।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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