पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने परवेज इलाही को पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी

इस्लामाबाद/लाहौर, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद (पीएमएल-क्यू) के नेता चौधरी परवेज इलाही ने नाटकीय घटनाक्रम के बाद बुधवार को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

उच्चतम न्यायालय ने पीएमएल-क्यू के सदस्यों के मत खारिज करने संबंधी पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के फैसले को मंगलवार को असंवैधानिक करार दिया और इलाही को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रांत का मुख्यमंत्री नामित किया।

इस फैसले से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उनके बेटे हमजा शरीफ से ‘‘ट्रस्टी’’ मुख्यमंत्री का दर्जा भी छिन गया है।

बहुमत हासिल करने के बावजूद शुक्रवार को चुनाव हारने वाले परवेज इलाही ने डिप्टी स्पीकर दोस्त मोहम्मद मजारी के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें प्रधानमंत्री शरीफ के बेटे हमजा को विजयी घोषित किया गया था।

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार देर रात मजारी के पंजाब के मुख्यमंत्री पद के चुनाव में 10 मतों को खारिज करने का विवादित फैसला ‘‘गैरकानूनी’’ करार दिया और कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थित उम्मीदवार इलाही पंजाब के नए मुख्यमंत्री होंगे।

इलाही (76) ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के उम्मीदवार हमजा शहबाज के 179 वोट के मुकाबले 186 वोट हासिल किए थे, लेकिन डिप्टी स्पीकर मजारी द्वारा पीएमएल-क्यू के विधायकों के 10 वोट खारिज किए जाने के बाद वह हार गए थे।

पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश उमर अता बंदियाल, न्यायमूर्ति एजाज उल अहसान और न्यायमूर्ति मुनीब अख्तर ने पंजाब के गवर्नर बालीग उर रहमान को इलाही को शपथ दिलाने का आदेश दिया। रहमान ने शपथ दिलाने से इनकार कर दिया था।

इसके बाद इलाही उच्चतम न्यायालय के आदेश पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी द्वारा शपथ दिलाए जाने के लिए मंगलवार देर रात इस्लामाबाद रवाना हो गए। अल्वी ने इलाही को बुधवार की सुबह शपथ दिलायी।

‘जियो न्यूज’ की खबर के मुताबिक, राष्ट्रपति अल्वी ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए इलाही को इस्लामाबाद लाये जाने के लिए एक विशेष विमान भेजा था।

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को ट्विटर पर कहा, “ उच्चतम न्यायालय के संविधान और कानून को बरकरार रखने वाले फैसले के समर्थन में कल शाम स्वेच्छा से सड़कों पर आए लोगों का मैं आभार जताता हूं। मैं आज रात 10 बजे लोगों को संबोधित करूंगा।”

वहीं खान की पार्टी ने बुधवार को लाहौर उच्च न्यायालय का रुख कर प्रधानमंत्री शरीफ और उनकी कैबिनेट को बर्खास्त करने का आग्रह किया।

‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के मुताबिक, पीटीआई नेताओं अंदलिब अब्बास और हसन नियाज़ी की ओर से दायर याचिका में संघीय सरकार, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग समेत अन्य को पक्षकार बनाया गया है।

याचिका में दलील दी गई है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ धनशोधन के मामले की सुनवाई चल रही है और वह तथा उनकी कैबिनेट के सदस्य हाल की अपनी विदेश यात्राओं के दौरान भगोड़े अपराधियों से मिले थे।

खान की पार्टी ने कहा कि यह कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। याचिका में प्रधानमंत्री पद से शरीफ और उनकी कैबिनेट को बर्खास्त करने का आग्रह किया गया है।

इस बीच, गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने बुधवार उन्हें पंजाब में प्रवेश करने से रोके जाने पर प्रांत में ‘गवर्नर’ शासन लगाने की चेतावनी दी।

इस्लामाबाद में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए गृह मंत्री सनाउल्लाह ने कहा, ‘‘गवर्नर शासन लगाने के संबंध में मसौदा तैयार किया जा रहा है और मैंने व्यक्तिगत तौर पर इस पर काम शुरु कर दिया है।’’

पंजाब के मुख्यमंत्री को लेकर उच्चतम न्यायालय का फैसला आने के कुछ देर बाद ही लोग पीटीआई का झंडा लेकर कंस्टीट्यूशन एवेन्यू में उच्चतम न्यायालय के बाहर आ गए और खुशी में नारे लगाने लगे।

शीर्ष अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए पीटीआई प्रमुख इमरान खान ने कहा, “ मैं सभी तरह की धमकियों और अपशब्दों के खिलाफ दृढ़ता से खड़े होने और संविधान एवं कानून को बरकरार रखने के लिए उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की सराहना करता हूं।”

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, “ मैं (चुनाव में) गड़बड़ी के खिलाफ उप चुनाव में अप्रत्याशित संख्या में सड़कों पर आने के लिए पंजाब के लोगों का आभार जताना चाहता हूं।”

फैसले के बाद सूचना मंत्री मरियम औरंगज़ेब ने इसे ‘न्यायिक तख्तापलट’ करार दिया।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Twitter

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