नयी दिल्ली, दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने शुक्रवार को घोषणा की कि सरकार अगले महीने से घरेलू खपत और सरकारी प्रतिष्ठानों के लिए पानी के बिलों पर 11000 करोड़ रुपये से अधिक का विलंब भुगतान अधिभार (एलपीएससी) माफ कर देगी। वर्मा ने यहां प्रेसवार्ता में कहा कि उनकी अध्यक्षता में हुई दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की बैठक में अन्य मुद्दों पर चर्चा के साथ ही राशि माफ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
वर्मा ने कहा ‘‘हमने पिछले कुछ वर्षों में डीजेबी की वित्तीय तंगी में वृद्धि देखी है। लोगों को लाखों में बिल मिलते थे इसका मुख्य कारण मूल राशि पर एलपीएससी था। बोर्ड बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा के बीच हमने दो श्रेणियों के लिए इस राशि को पूरी तरह से माफ करने की मंजूरी दे दी है।’’
वर्मा के अनुसार घरेलू श्रेणी के अंतर्गत पानी के बिलों में देय 16 068 करोड़ रुपये में से 11 069 करोड़ रुपये विलंबित भुगतान अधिभार के रूप में हैं जबकि शेष मूल राशि है। उन्होंने कहा कि मूल राशि का भुगतान ग्राहकों को करना होगा।
यह योजना अगले महीने किसी दिन से शुरू होगी और चालू वित्त वर्ष के अंत तक जारी रहेगी। मंत्री ने कहा ‘‘हालांकि 100 प्रतिशत छूट केवल जनवरी तक ही दी जाएगी उसके बाद जिस ग्राहक का बिल लंबित है उसे एलपीएससी पर केवल 70 प्रतिशत छूट मिलेगी।’’ बैठक में लिया गया एक और बड़ा फैसला लंबित बिलों पर लगने वाली ब्याज दर को कम करना था।
वर्मा ने कहा ‘‘हम ब्याज दर को प्रति बिल पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत प्रति ‘बिलिंग चक्र’ कर रहे हैं जिससे दिल्ली के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। यह एलपीएससी योजना की समय सीमा के बाद भी जारी रहेगा।’’
डीजेबी ने घरेलू श्रेणी में अवैध जल कनेक्शनों को वैध कनेक्शनों में परिवर्तित करने के लिए शुल्क और जुर्माना मौजूदा 26 000 रुपये से घटाकर 1 000 रुपये करने का भी निर्णय लिया है तथा गैर-घरेलू श्रेणी में शुल्क 61 000 रुपये से घटाकर 5000 रुपये कर दिया गया है।
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