शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा घोषित ‘तिरंगा विरोध प्रदर्शन’ के सिलसिले में दिल्ली के कनॉट प्लेस में लगाई गई पाबंदियों के कारण व्यापारियों को गैर-कानूनी व्यावसायिक नुकसान होता है, तो वह अपनी संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल करेगा।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि अगर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) द्वारा लगाई गई पाबंदियां जरूरत से ज्यादा (अनुचित) पाई जाती हैं, तो कोर्ट कानूनी सिद्धांतों के तहत मुआवजे पर विचार कर सकता है।
यह टिप्पणी तब आई जब वकील जय अनंत देहाद्रई ने व्यापारियों के संघों द्वारा दायर एक याचिका का जिक्र किया, जिसमें संभावित व्यावसायिक नुकसान को लेकर चिंता जताई गई थी।
उन्होंने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन से रोजाना लगभग 200 करोड़ रुपये के व्यापार में बाधा आ सकती है।सुप्रीम कोर्ट इस मामले को 26 या 27 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमत हो गया है।https://en.wikipedia.org/wiki/Supreme_Court_of_India#/media/File:Supreme_Court_of_India_-_200705_(cropped).jpg