नयी दिल्ली, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि छह हवाई अड्डों को गहन प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से अदाणी समूह को पट्टे पर दिया गया था। सरकार के स्वामित्व वाले भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने छह हवाई अड्डों – लखनऊ अहमदाबाद मंगलुरु जयपुर गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम – को अदाणी समूह को पट्टे पर दिया है। इन हवाई अड्डों को पट्टे पर देने का जिक्र करते हुए तृणमूल कांग्रेस नेता सौगत रॉय ने लोकसभा में कहा कि नीति आयोग और आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) का विचार था कि दो हवाई अड्डों को एक ही समूह को नहीं दिया जाना चाहिए। हालांकि नायडू ने कहा कि सदस्य के बयान में कोई तथ्य नहीं है। उन्होंने कहा ’’ये बेबुनियाद आरोप हैं और नीति आयोग के सीईओ की अध्यक्षता में सचिवों का एक अधिकार प्राप्त समूह गठित किया गया था जिसमें डीईए सचिव भी सदस्य थे।’’ नायडू का कहना था कि हवाई अड्डों को पट्टे पर देने के लिए एक गहन प्रक्रिया का पालन किया गया था और जब वे (नीति आयोग के सीईओ डीईए सचिव) समूह के सदस्य थे तो यह मुद्दा कहां उठता है कि उन्होंने इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा ‘‘इन हवाई अड्डों को पट्टे पर देने के लिए एक गहन प्रतिस्पर्धी पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई। सदस्य जो भी कह रहे हैं वे बेबुनियाद आरोप हैं…इन सब में कोई तथ्य नहीं है।’’क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common