पीएफआई पर प्रतिबंध को लेकर भी कुछ लोग सियासी नफा-नुकसान का गुणा-भाग कर रहे : नकवी

नयी दिल्ली, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) और उसके कुछ अन्य सहयोगी संगठनों पर प्रतिबंध लगाए जाने को देशहित में की गई कार्रवाई करार देते हुए बुधवार को कहा कि कुछ राजनीतिक दल ऐसे हैं जो इस कार्रवाई को लेकर भी सियासी नफा-नुकसान का गुणा-भाग कर रहे हैं।

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘लोकतंत्र के खिलाफ हिंसक साजिश के तहत गतिविधियां चला रहे कुछ संगठनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। देश की सुरक्षा हमारी ताकत है… यह कार्रवाई देश की सुरक्षा और देशहित में है।’’

नकवी ने कहा, ‘‘अफसोस की बात है कि पहले कुछ राजनीतिक दल ऐसे लोगों को प्रश्रय दे रहे थे। ऐसे ही लोग अब भी उनके साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। यही लोग कभी सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल करेंगे। जब इस तरह के संगठनों (पीएफआई) पर कार्रवाई होती है तो ये लोग इनके साथ खड़े होते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ अगर सरकार ने शैतानी ताकतों के खिलाफ कार्रवाई की है तो देश की सुरक्षा के लिए की है। अफसोस की बात है कि कुछ लोग इसमें भी सियासी नफा-नुकसान का गुणा-भाग कर रहे हैं।’’

सरकार ने आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) और उससे संबद्ध अन्य संगठनों पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।

आतंकवाद रोधी कानून ‘यूएपीए’ के तहत ‘रिहैब इंडिया फाउंडेशन’ (आरआईएफ), ‘कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया’ (सीएफआई), ‘ऑल इंडिया इमाम काउंसिल’ (एआईआईसी), ‘नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन’ (एनसीएचआरओ), ‘नेशनल विमेंस फ्रंट’, ‘जूनियर फ्रंट’, ‘एम्पॉवर इंडिया फाउंडेशन’ और ‘रिहैब फाउंडेशन’(केरल) को भी प्रतिबंधित किया गया है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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