पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का प्रभाव पूरे भारत में महसूस किया गया: मोदी

नयी दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के लाभों पर प्रकाश डाला और कहा कि इसका प्रभाव देश के हर कोने में देखा जा रहा है। घरेलू छतों पर सौर ऊर्जा लगाने की यह योजना जिसे दुनिया की सबसे ब,ड़ी ऐसी पहल कहा जाता है का लक्ष्य मार्च 2027 तक एक करोड़ घरों को सौर ऊर्जा की आपूर्ति करना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोई आज किसी भी शहर चाहे वह बड़ा हो या छोटा का दौरा करे तो उसे निश्चित रूप से एक बदलाव नजर आएगा कि बड़ी संख्या में घरों की छतों पर सौलर पैनल लगाए गए हैं।

मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा ‘‘कुछ साल पहले तक यह सोलर पैनल चंद ही घरों की छतों पर देखने को मिलते थे। लेकिन आज ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का असर देश के हर कोने में नजर आ रहा है।’’

उन्होंने कहा कि इस योजना ने गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले की पायल मुंजपारा के जीवन में गहरा बदलाव लाया है जिन्होंने इस पहल के माध्यम से सौर ऊर्जा प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षण प्राप्त किया और चार महीने का ‘सोलर पीवी तकनीशियन पाठ्यक्रम’ पूरा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मेरठ के अरुण कुमार अब अपने क्षेत्र में ऊर्जा प्रदाता बन गए हैं और हाल ही में उन्होंने दिल्ली में एक कार्यक्रम में भाग लिया जहां उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।

मोदी ने कहा कि कुमार ने बताया था कि वह न केवल अपने बिजली बिल में बचत कर रहे हैं बल्कि अपनी अतिरिक्त बिजली बेच भी रहे हैं। मोदी ने जयपुर के मुरलीधर का भी किस्सा साझा किया जिन्होंने खेती के लिए डीजल पंप पर निर्भरता से मुक्ति पाई और सौर पंप को अपनाया जिससे उन्हें हजारों रुपये की बचत हुई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा पहल के लाभ पूर्वोत्तर के क्षेत्रों में भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में जहां रियांग जनजाति के कई गांव बिजली की समस्या से जूझ रहे थे वहां सौर मिनी-ग्रिड ने उनके घरों को रोशन किया है। मोदी ने बताया कि अब वहां बच्चे शाम ढलने के बाद भी पढ़ाई कर पाते हैं लोग अपने मोबाइल फोन चार्ज कर पाते हैं और गांवों का सामाजिक जीवन भी बदल गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘देश में सौर ऊर्जा क्रांति के अनगिनत उदाहरण हैं। आप भी इस क्रांति में शामिल हों और दूसरों को भी इससे जोड़ें।’’क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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