ताइपे, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस सप्ताह चीन के नेताओं से बीजिंग में मुलाकात कर सकते हैं। उनकी यह यात्रा यूक्रेन के साथ युद्ध में रूस के लिए चीन के समर्थन को रेखांकित करती है। दोनों देशों ने अमेरिका और अन्य लोकतांत्रिक देशों के खिलाफ एक अनौपचारिक गठबंधन बना लिया है, जो इजराइल-हमास युद्ध से जटिल हो गया है। चीन इजराइल के साथ संबंधों में संतुलन बिठाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही वह ईरान और सीरिया के साथ आर्थिक संबंधों में भी तालमेल बना रहा है।
पुतिन की यात्रा बुनियादी ढांचे के निर्माण और चीन के विदेशी प्रभाव का विस्तार करने की चीनी नेता शी चिनफिंग की महत्वाकांक्षी ‘बेल्ट एंड रोड’ (बीआरआई)परियोजना को भी एक प्रकार से उनके समर्थन को दिखाती है।
पुतिन ने चीन की सरकारी मीडिया को दिए साक्षात्कार में बीआरआई परियोजना के संबंध में धारणा से उलट राय रखी।
क्रेमलिन द्वारा सोमवार को जारी साक्षात्कार के लिखित अंश के मुताबिक पुतिन ने चीन के सरकारी समाचार चैनल सीसीटीवी से कहा, ‘‘ हां, हम देख रहे हैं कि कुछ लोग मानते हैं कि चीन किसी को अपने नियंत्रण में रखना चाहता है, लेकिन हम दूसरी तरह देखते हैं, हम इसे महज सहयोग की इच्छा के तौर पर देखते हैं।’’
चीन के राष्ट्रपति ने करीब दस वर्ष पहले इस योजना की घोषणा की थी। योजना की दसवीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में शामिल होने वाले नेताओं में पुतिन सर्वाधिक हाई प्रोफाइल और चर्चित नेता होंगे।
जांबिया और श्रीलंका जैसे देशों ने सड़क, हवाई अड्डे और अन्य आधारभूत ढांचों के निर्माण के लिए चीन की कंपनियों के साथ करार किए थे, जिसके बाद ये देश कर्ज में डूब गए हैं।
पुतिन की यात्रा की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन चीनी अधिकारियों ने कहा कि वह सोमवार रात को पहुंचेंगे।
संवाददाताओं ने शुक्रवार को जब पुतिन से बीजिंग यात्रा के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि इस दौरान बीआरआई से जुड़ी परियोजनाओं पर बातचीत शामिल होगी। उन्होंने कहा कि मॉस्को ‘समान विकास लक्ष्यों को हासिल करने’ के लिए पूर्व सोवियत संघ के देशों के आर्थिक गठबंधन के प्रयासों से जुड़ना चाहता है, जो ज्यादातर मध्य एशिया में स्थित हैं।
पुतिन ने क्षेत्र में चीन के बढ़ते आर्थिक प्रभाव को महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बीच यहां कोई विरोधाभास नहीं है, इसके उलट कुछ तालमेल है।’’
पुतिन ने कहा कि वह चिनफिंग के साथ मॉस्को और बीजिंग के बीच बढ़ते आर्थिक और वित्तीय संबंधों पर भी चर्चा करेंगे।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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