8वीं भारत-फ्रांस समुद्री सहयोग वार्ता 20 मई 2026 को पेरिस में आयोजित की गई। इसकी सह-अध्यक्षता भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर; तथा फ्रांस के सशस्त्र बल मंत्रालय में अंतर्राष्ट्रीय संबंध और रणनीति के महानिदेशक श्री गुइलाउम ओलाग्निएर और यूरोप एवं विदेश मंत्रालय में रणनीतिक मामलों, सुरक्षा और निरस्त्रीकरण की निदेशक श्रीमती क्लेयर राउलिन ने की।
चर्चाओं का मुख्य केंद्र अवैध समुद्री गतिविधियों—जिनमें समुद्री डकैती और सशस्त्र लूटपाट, समुद्री आतंकवाद, तथा नशीले पदार्थों की तस्करी शामिल हैं—से निपटने के लिए परिचालन सहयोग को मज़बूत बनाने की उनकी साझा प्रतिबद्धता रही। अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ने की गतिविधियाँ, साथ ही अन्य मिश्रित खतरे। भारत और फ्रांस समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में अपने समन्वय को और मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया/मध्य-पूर्व और हिंद महासागर की स्थिति पर अपने विचार साझा किए। इन चर्चाओं में मज़बूत रणनीतिक तालमेल और एक स्वतंत्र, खुला, समावेशी और नियमों पर आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक साझा दृष्टिकोण दिखाई दिया; यह दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति आपसी प्रतिबद्धता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान, तथा नौवहन की स्वतंत्रता पर आधारित है।
इस जुड़ाव से फरवरी 2026 में दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई बैठक से निकले निर्णयों पर आगे बढ़ने और जनवरी 2026 में दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच हुए संवाद के परिणामों की समीक्षा करने का अवसर भी मिला। भारत और फ्रांस अपनी ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ को और सुदृढ़ करने तथा उसका लाभ उठाने पर सहमत हुए।