न्यूयॉर्क, संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता (खासकर युद्ध और शांति के मामलों में) पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। एक प्रमुख भारतीय विशेषज्ञ ने यह बात कही। ओआरएफ अमेरिका के कार्यकारी निदेशक ध्रुव जयशंकर ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा से कहा कि अब भी कई संस्थाएं महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।
उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र के काम को इसका उदाहरण बताया। जयशंकर ने पश्चिम एशिया और यूक्रेन में जारी संघर्षों के बीच संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि विशेष रूप से युद्ध और शांति के मामलों में संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा ‘‘हम ऐसे समय में हैं जब यह साफ है कि मौजूदा बहुपक्षीय संस्थाएं केवल संयुक्त राष्ट्र ही नहीं बल्कि अन्य संस्थाएं भी अपनी उपयोगिता और प्रभावशीलता खोने लगी हैं।’’ जयशंकर ने कहा ‘‘कई कारणों से ये संस्थाएं अब भी महत्वपूर्ण हैं और ऐसे कई उदाहरण हैं जहां उन्होंने अच्छा काम किया है।
उदाहरण के लिए दुनिया भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं और संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए ‘लैंगिक समानता’ को विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाने वाले विषय के रूप में विकसित करना।’’ उन्होंने कहा ‘‘लेकिन मेरा मानना है कि आज संयुक्त राष्ट्र में काम करने वाले लोग भी इसकी प्रभावशीलता को लेकर काफी हद तक संशय में हैं।’’ओआरएफ अमेरिका के कार्यकारी निदेशक ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार अभी काफी दूर की बात है।
उन्होंने कहा कि चीन की अनिच्छा सुधार को लेकर अलग-अलग प्रस्ताव और अफ्रीकी देशों के बीच सहमति का अभाव भारत के स्थायी सदस्यता के दावे में बड़ी बाधाएं हैं। जयशंकर ने कहा ‘‘इसके नहीं हो पाने के कई कारण हैं। इनमें से एक यह है कि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य देशों में से कुछ खासकर चीन इस सुधार के लिए इच्छुक नहीं हैं।’’
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर फ्रांस सबसे अधिक सक्रिय देशों में शामिल रहा है जबकि अमेरिका का रुख ‘‘काफी अस्पष्ट’’ रहा है।विशेषज्ञ ने कहा ‘‘पाकिस्तान सहित एक अन्य समूह भी सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने के किसी भी प्रस्ताव को रोकने की कोशिश कर रहा है।’’
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य देश हैं।इनमें पांच स्थायी सदस्य हैं जिनके पास वीटो शक्ति है जबकि 10 अस्थायी सदस्य होते हैं जिन्हें दो साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य चीन फ्रांस रूसी संघ ब्रिटेन और अमेरिका हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common