प्रयोगशाला नेटवर्क की मजबूती के लिए आए 340 करोड़ रुपये के प्रस्तावों की जांच

नयी दिल्ली, सरकार ने देश में उपभोक्ता उत्पादों के परीक्षण के लिए प्रयोगशाला नेटवर्क को मजबूत करने को लेकर 340 करोड़ रुपये के प्रस्तावों की जांच की है। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि सरकार ने देश में प्रयोगशाला नेटवर्क के उन्नयन और मजबूती के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के तहत एक योजना शुरू की है।

 बयान के मुताबिक, “इस कदम से कपड़ा, खाद्य, कानूनी मापन और बिजली पारेषण सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में परीक्षण सुविधाओं को बढ़ाकर भारत के गुणवत्ता बुनियादी ढांचे को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके लिए आए 340 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों की जांच की गई है।”

 गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की आपूर्ति में परीक्षण सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में परीक्षण सुविधाओं और प्रयोगशाला बुनियादी ढांचे की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं।  केंद्र ने अब इस योजना के दायरे में अन्य प्रयोगशालाओं को भी शामिल करने की पहल की है। ये उच्च शिक्षा संस्थानों की प्रयोगशालाओं और अनुसंधान एवं विकास उद्देश्यों या गैर-लाभकारी आधार पर प्रयोगशालाएं चलाने वाले निजी संगठनों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में परीक्षण सुविधाओं के निर्माण/संवर्द्धन के लिए होंगे। ऐसी प्रयोगशालाएं भी योजना के प्रावधानों के अनुसार सहायता के लिए आवेदन कर सकती हैं।

   आंतरिक परीक्षण सुविधाओं वाले विनिर्माता अपनी प्रयोगशालाओं को बीआईएस परीक्षण परिवेश के साथ भी जोड़ सकते हैं। वे अपनी प्रयोगशालाओं को बीआईएस प्रयोगशाला मान्यता योजना (बीआईएस एलआरएस) के तहत मान्यता दिला सकते हैं।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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