तोक्यो,जापान सरकार ने कहा है कि फुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र आपदा को लेकर सफाई और मुआवजे से संबंधित 68 अरब डॉलर से अधिक के सरकारी धन की वापसी में देरी हुई है।
बोर्ड ऑफ ऑडिट ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा कि देरी तकनीकी कठिनाइयों और तोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (टेपको) होल्डिंग्स की बिगड़ती वित्तीय स्थिति के चलते हुई है। इसने कहा कि पूरी प्रक्रिया में 40 साल से अधिक समय लग सकता है।
वर्ष 2011 में भूकंप और सुनामी के चलते परमाणु संयंत्र को नुकसान का सामना करना पड़ा था, जिससे विकिरण फैल गया और इसने आसपास के क्षेत्रों को दूषित कर दिया तथा हजारों लोगों को वहां से दूसरी जगहों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
आपदा के पहले 11 वर्षों के लिए वित्तीय मदद पहले ही टेपको की दशकों लंबी परियोजना के लिए 150 अरब डॉलर की लागत के कुल अनुमान की लगभग आधी है।
बोर्ड ऑफ ऑडिट ने कहा कि अप्रैल तक, सरकार ने संयंत्र की सफाई, उसके आसपास के वातावरण को प्रदूषण मुक्त करने और आपदा से प्रभावित लोगों को मुआवजे के लिए टेपको को बिना ब्याज के ऋण के तहत 70 अरब डॉलर की राशि प्रदान की थी।
सरकार ने वित्तीय संस्थानों से उधार लिए गए धन के साथ मुआवजे की शुरुआती लागत को वहन किया है। टेपको बिजली बिल सहित अपने राजस्व से इस धन की वापसी कर रही है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Associated Press (AP)