कोलकाता, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश की अदालत (कोर्टरूम) के बाहर वकीलों के विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद मंगलवार को राज्य सरकार को न्यायपालिका की रक्षा करने और इसकी स्वतंत्रता बरकरार रखने का निर्देश दिया। राजभवन के एक सूत्र ने यह जानकारी दी।
राज्यपाल के निर्देश के बाद मुख्य सचिव एच. के. द्विवेदी, गृह सचिव बी. पी. गोपालिका और कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने राजभवन में उन्हें स्थिति से अवगत कराया।
वकीलों के एक समूह ने न्यायाधीश राजशेखर मंथा के कुछ आदेशों के विरोध में उनकी अदालत के बाहर प्रदर्शन किया था।
सूत्र ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया, “राज्यपाल ने कलकत्ता उच्च न्यायालय की स्थिति का जायजा लिया। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा और सुरक्षा बरकरार रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए।”
एक घंटे तक चली बैठक के दौरान उन्होंने तीनों अधिकारियों से यह भी कहा कि ‘न्यायपालिका को डराया-धमकाया नहीं जा सकता।’
अधिकारियों ने उनसे कहा कि सरकार “मानती है कि न्यायपालिका की रक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जानी चाहिए।”
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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