बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार की खबरों को लेकर अमेरिका ने चिंता जताई

इंदौर (मध्यप्रदेश), बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार की खबरों को अमेरिका ने बृहस्पतिवार को ‘काफी चिंताजनक’ करार दिया। अमेरिका ने कहा कि वह बांग्लादेश की अंतरिम सरकार समेत अपने सभी साझेदारों के साथ चर्चा में इस बात पर जोर देता है कि हर व्यक्ति को उसके धर्म और विश्वास के मुताबिक जीने की आजादी मिलनी चाहिए। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मार्गरेट मक्लाउड ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं पर अत्याचारों के बारे में पूछे जाने पर इंदौर में संवाददाताओं से कहा ‘‘फिलहाल बांग्लादेश से आ रही इन खबरों को अमेरिकी प्रशासन काफी चिंताजनक समझता है। हम हालात को ध्यान से देख रहे हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि पूरे क्षेत्र में हरेक व्यक्ति को अपने धर्म और विश्वास के मुताबिक जीवन जीने की आजादी मिलनी चाहिए। हम इस सिलसिले में अपनी फिक्र का इजहार अपने सभी साझेदारों के साथ बातचीत में करते हैं जिनमें बांग्लादेश की अंतरिम सरकार भी शामिल है।’’ मक्लाउड अमेरिकी विदेश विभाग के लंदन स्थित अंतरराष्ट्रीय मीडिया केंद्र की हिंदुस्तानी भाषा की प्रवक्ता हैं। उन्होंने एक सवाल पर कहा कि रूस ने संयुक्त राष्ट्र के संप्रभुता स्वतंत्रता और जमीनी सरहदों के सम्मान के बुनियादी सिद्धांतों को नजरअंदाज करते हुए यूक्रेन के खिलाफ ‘आक्रामक जंग’ छेड़ रखी है इसलिए अमेरिकी प्रशासन यूक्रेन के ‘वीर’ नागरिकों की मदद कर रहा है। अमेरिकी प्रवक्ता ने इस युद्ध की पृष्ठभूमि में कहा कि अपना भविष्य तय करने में यूक्रेन के लोगों की पूरी भूमिका होनी चाहिए। मक्लाउड ने इजराइल-हमास युद्ध के संकट से जुड़े सवाल पर कहा कि फलस्तीन के आम नागरिकों की इंसानी जरूरतों के मद्देनजर अमेरिका इजराइल के अपने साझेदारों के साथ बातचीत के दौरान युद्धग्रस्त क्षेत्र में मानवीय मदद बढ़ाने पर जोर दे रहा है। उन्होंने कहा ‘‘(युद्धग्रस्त क्षेत्र में) नाकों को खोला जाना चाहिए ताकि आम लोगों की जरूरतें पूरी हो सकें। खासकर सर्दियों का मौसम शुरू होने वाला है और बुनियादी जरूरत की चीजों की किल्लत का खतरा सामने आ रहा है। इसलिए लोगों तक मानवीय मदद पहुंचाई जानी चाहिए।’’ क्लाउड अमेरिका के मुंबई स्थित महावाणिज्य दूतावास के प्रवक्ता ग्रेग पारडो के साथ भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के दो दिवसीय दौरे पर आई थीं। उन्होंने कहा ‘‘मैंने देखा कि स्वच्छता के इस खिताब को लेकर इंदौर के लोग खुद पर बेहद गर्व महसूस करते हैं।’’क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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