बाधाओं के आगे घुटने ना टेकें : अपर्णा सेन ने महिला फिल्म निर्माताओं से कहा

तिरुवनंतपुरम, मशहूर फिल्मकार अपर्णा सेन ने सभी महिला निर्देशकों से राह में आने वाली बाधाओं के आगे घुटने ना टेकने और सपने पूरे करने का आग्रह किया।

सेन ने रविवार को कहा कि बतौर निर्देशक अपनी पहचान बनाने में उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन निर्माता के तौर पर शशि कपूर का साथ मिलने से उन्हें बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म लाने में मदद मिली। ‘मिस्टर एंड मिसेज़ अय्यर’ की निर्देशक ने फिल्मकार सत्यजीत रे और अपने परिवार का इस सफर में साथ देने के लिए शुक्रिया भी अदा किया।

केरल राज्य फिल्म विकास निगम (केएसएफडीसी) द्वारा यहां एक पटकथा लेखन कार्यशाला के दौरान महिला फिल्म निर्माताओं से बातचीत में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित सेन ने अपने दशकों लंबे फिल्मी करियर के अनुभव को युवा निर्देशकों के साथ साझा किया।

सेन ने 1981 में आई फिल्म ‘36 चौरंघी लेन’ के साथ निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था।

केएसएफडीसी द्वारा महिला निर्देशकों की तलाश करने के लिए चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। सांस्कृतिक मामलों के मंत्री साजी चेरियन ने कार्यशाला का उद्घाटन किया, जिसमें सेन मुख्य अतिथि थीं।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

%d bloggers like this: