बिंद्रा को निकट भविष्य में भारत को ओलंपिक की मेजबानी मिलने की उम्मीद

मुंबई, भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने रविवार को उम्मीद जताई कि देश निकट भविष्य में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने में सफल रहेगा।बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक (2008) में 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीता था।  वह तोक्यो  ओलंपिक 2020 में भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के पीले तमगे से पहले व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारत के इकलौते स्वर्ण पदक विजेता थे।अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के 141वें सत्र को संबोधित करते हुए बिंद्रा ने रविवार को यहां कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि हमें निकट भविष्य में ओलंपिक खेलों की मेजबानी मिलेगी।’’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आईओसी सत्र की शुरुआत की घोषणा करते हुए कहा था कि भारत 2036 ओलंपिक के आयोजन के अपने प्रयासों में ‘कोई कसर नहीं’ छोड़ेगा।मोदी ने यह भी कहा था कि भारत 2029 युवा ओलंपिक की मेजबानी करना चाहता है।पिछले साल ओडिशा में शुरू ‘ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन प्रोग्राम (ओवीईपी)’ के बारे में बिंद्रा ने कहा कि राज्य में इस पहल की शुरुआत के बाद 15,000 से अधिक लड़कियों ने पहली बार खेलों को अपनाया है।उन्होंने कहा कि ओवीईपी के शुरू होने के बाद छात्रों की उपस्थिति भी 12 प्रतिशत बढ़ गई है।बिंद्रा ने कहा, ‘‘ओवीईपी को धन्यवाद, इससे छात्रों की उपस्थिति 12 प्रतिशत बढ़ी है और 15,000 से अधिक लड़कियों ने पहली बार खेल में भाग लिया है।’’ओवीईपी को आईओसी वित्तीय मदद करता है। इसे पिछले साल अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन (एबीएफ)  ने भारत (ओडिशा) में शरू किया था।बिंद्रा ने कहा कि यह कार्यक्रम ओडिशा में 70 लाख बच्चों तक पहुंचने की क्षमता रखता है। इस संख्या की पुष्टि आईओसी अध्यक्ष थॉमस बाख ने भी की है।बिंद्रा आईओसी के एथलीट आयोग के सदस्य भी हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम मिश्रित स्पर्धाओं में अधिक लड़कों और लड़कियों की भागीदारी भी सुनिश्चित करेगा।इस पूर्व निशानेबाज ने कहा, ‘‘मिश्रित खेल (मिश्रित टीम स्पर्धा) अब आम हो गए हैं। इन खेलों से लड़कियों और लड़कों के बीच सुरक्षित बातचीत को बढ़ावा मिलता है। इसके साथ ही यह सीखने और सम्मान का माहौल बनाते हैं।’’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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