बिहार का मखाना 20 से अधिक देशों में पहुंचा, 2030-31 तक 30 हजार टन निर्यात का लक्ष्य

पटना, बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य का मखाना 20 से अधिक देशों के बाजारों में पहुंच चुका है। राज्य के कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक मखाना का निर्यात बढ़ाकर 30 हजार टन करना है। कृषि विभाग के अनुसार राज्य सरकार कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से जीआई टैग प्राप्त मिथिला मखाना को अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है।

सिन्हा ने बताया कि सरकार वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए ‘मखाना से समृद्धि अभियान’ चला रही है। इसके तहत मखाना की खेती का रकबा दोगुना करने उत्पादन बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिहार की हिस्सेदारी मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि देश के कुल मखाना उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी करीब 80 से 85 प्रतिशत है। मंत्री के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 20 से अधिक देशों को 7 200 टन से अधिक मखाना और उससे बने अन्य उत्पादों का निर्यात किया। इससे 2.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आय हुई। अमेरिका पश्चिम एशिया और अफ्रीका सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय मखाना की मांग बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि इस साल जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग प्राप्त मिथिला मखाना की खेप अमेरिका कनाडा ऑस्ट्रेलिया और ग्रीस पहुंची है। पहली बार बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) के बिहटा औद्योगिक क्षेत्र से जीआई टैग वाले मिथिला मखाना की 18 टन की खेप समुद्री मार्ग से ऑस्ट्रेलिया भेजी गई।

सिन्हा ने कहा कि मखाना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने जीआई टैग के जरिये उसकी पहचान मजबूत करने और किसानों की बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने से उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। मंत्री के अनुसार अभियान के तहत मखाना की खेती का रकबा वित्त वर्ष 2025-26 के 41 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 2030-31 तक 82 हजार हेक्टेयर करने का लक्ष्य है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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