बिहार में बाढ़ से 22 लाख लोग प्रभावित, मुख्यमंत्री ने सामुदायिक रसोई व राहत कार्यों का लिया जायजा

पटना, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को वैशाली और भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों के लिए संचालित सामुदायिक रसोई का निरीक्षण किया तथा राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। गंगा गंडक कोसी पुनपुन समेत कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि से राज्य के 12 जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है जिससे 22 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

अधिकारियों के अनुसार उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी करने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में फिलहाल 190 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने और आवागमन सुनिश्चित करने के लिए 1 429 नौकाएं लगाई गई हैं।

राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और क्षेत्रीय अधिकारियों को जलस्तर तटबंधों संवेदनशील स्थानों और निचले इलाकों की लगातार निगरानी करने तथा आवश्यकता अनुसार एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया है। अभियंताओं को बाढ़ नियंत्रण से जुड़े संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को नदी के किनारे नहीं जाने और पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

स्थानीय प्रशासन को नौका संचालन की निगरानी क्षमता से अधिक यात्रियों को रोकने तथा लोगों को स्थिति की नियमित जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं। सोमवार सुबह छह बजे पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.41 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से 1.57 मीटर ऊपर है। वहीं दीघा घाट पर जलस्तर 43.52 मीटर रहा जो खतरे के निशान से 1.75 मीटर अधिक है।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर कोसी बलतारा और कुरसेला बूढ़ी गंडक खगड़िया गंगा हाथीदह भागलपुर कहलगांव बक्सर और मुंगेर पुनपुन श्रीपालपुर बागमती बेनीबाद तथा घाघरा दरौली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

उन्होंने बताया कि बिहार और पड़ोसी झारखंड में हुई भारी वर्षा के कारण विभिन्न शहरों में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सितंबर में अब तक राज्य में 69.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है जो सामान्य से 55 प्रतिशत अधिक है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: