नागपुर, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने दावा किया कि बिहार में विपक्षी महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर विवाद है और यदि इसके घटक दल अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव अलग से लड़ने का फैसला करते हैं तो इससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को अधिक सीट जीतने में मदद मिलेगी।
आठवले ने महागठबंधन में अभी तक सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनने संबंधी सवाल पर दावा किया कि सीटों को लेकर विपक्षी गठबंधन में विवाद है।
बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों के लिए चुनाव दो चरणों में छह नवंबर और 11 नवंबर को होंगे जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी।
सामाजिक न्याय राज्य मंत्री ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा ‘‘यदि वे किसी समझौते पर पहुंचते हैं तो यह अच्छा होगा। लेकिन अगर वे आम सहमति पर नहीं पहुंचते हैं और अलग से चुनाव लड़ते हैं तो इससे हमें (राजग) फायदा होगा क्योंकि हम अधिक सीट जीतेंगे। हमारा मानना है कि नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे और राजग अगली सरकार बनायेगा।’’
महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कांग्रेस और वामपंथी दल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया-आठवले (आरपीआई-ए) की बिहार में कुछ मौजूदगी है लेकिन यह वहां एक छोटी पार्टी है।
उन्होंने कहा ‘‘हमारी पार्टी ने चुनाव लड़ने के लिए सीट पाने की कोशिश भी नहीं की। हालांकि हम राजग का समर्थन करेंगे और मैं वहां उसके लिए प्रचार भी करूंगा।’’
राकांपा (एसपी) नेता सुप्रिया सुले की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के साथ गठबंधन करने में कुछ भी गलत नहीं है आठवले ने कहा कि उनका मानना है कि मनसे के मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन में कोई आम सहमति नहीं बनेगी।
उन्होंने कहा ‘‘राकांपा (एसपी) इसका समर्थन कर सकती है लेकिन कांग्रेस अलग से लड़ेगी। कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है और वह आलाकमान के निर्देशानुसार ही चलेगी। कांग्रेस आलाकमान मनसे को हरी झंडी नहीं देगा। इसलिए एमवीए में फूट तय है।’’
उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘‘तेजस्वी नेता’’ बताया और कहा कि अमेरिका के साथ भारत के व्यापारिक संबंध रूस के साथ संबंधों से अधिक मजबूत हैं। मंत्री ने कहा कि आरपीआई-ए अगले साल आठ मार्च को नागपुर में एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा।
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