अगरतला, सीमा सुरक्षा बल और बॉर्डर गार्ड्स ऑफ बांग्लादेश ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जतायी है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
बीएसएफ के त्रिपुरा फ्रंटियर के महानिरीक्षक सुमित शरण ने संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘सीमाओं की सुरक्षा करने वाले दोनों बलों के बीच समझ और सहयोग बढ़ाने का रास्ता तलाशने के लिए द्विपक्षीय हित के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।’’
बीएसएफ और बीजीबी के बीच तीन दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का समापन ज्वाइंट रिकॉर्ड ऑफ डिस्कशन (जेआरडी) पर हस्ताक्षर के साथ हुआ।
भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे शरण ने बताया कि घुसपैठिया गतिविधियों, सीमा पार से होने वाले अपराधों, लंबित विकास कार्यों और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन में बातचीत के दौरान हमने मित्रता को और प्रगाढ़ बनाने, परस्पर विश्वास को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करने की कसम ली है।
बीजीबी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख अवर डीजीपी और क्षेत्रीय कमांडर, दक्षिण-पूर्व क्षेत्र तनवीर गनी चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए बीजीबी की प्रतिबद्धता के बारे में बताया।
चौधरी ने बताया, ‘‘हमने बेहद सौहार्दपूर्ण और जीवंत माहौल में विभिन्न विचारों, दृष्टिकोण और सिद्धांतों का आदान-प्रदान किया। कुछ महत्वपूर्ण सीमा मुद्दों जैसे… मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा पार से अपराध, हथियारों की तस्करी आदि पर इस तीन दिवसीय सम्मेलन में चर्चा हुई। हमने उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ अपने कड़े रूख और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लोगों को मार गिराने की घटनाएं बिलकुल खत्म करने का अपना रूख दोहराया।’’
गौरतलब है कि त्रिपुरा और बांग्लादेश के बीच 856 किलोमीटर लंबी साझी सीमा है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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