भारतीय इंडोर एथलेटिक्स के नये युग की शुरूआत

भुवनेश्वर, भारत संकरे ट्रैक और एक समान हालात वाले इंडोर एथलेटिक्स में अपने सफर की औपचारिक शुरूआत पहली राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के जरिये करेगा जबकि दो साल बाद इसी स्थान पर उसे विश्व चैम्पियनशिप की मेजबानी

करनी है । पिछले सप्ताह भारत को विश्व इंडोर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की मेजबानी मिली है जो इसी स्थान पर तीन से पांच मार्च 2028 में होगी । भारत में पहली बार ट्रैक और फील्ड की विश्व चैम्पियनशिप का आयोजन होगा ।

राष्ट्रीय चैम्पियनशिप दो दिन तक चलेगी । भारत में शीर्ष स्तर की इंडोर सुविधाओं के अभाव में इंडोर एथलेटिक्स उतना लोकप्रिय नहीं रहा है । कुछ भारतीय हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी करते आये हैं । इंडोर स्पर्धाओं में खिलाड़ी संकरे ट्रैक पर उतरते हैं । आउटडोर 400 मीटर ट्रैक चौड़े और सपाट टर्न वाले होते हैं । इंडोर स्पर्धायें हवा या मौसम से प्रभावित नहीं होती क्योंकि भीतर एक सी परिस्थितियां होती है ।

भालाफेंक स्टार नीरज चोपड़ा और 3000 मीटर स्टीपलचेस खिलाड़ी अविनाश साबले इसमें भाग नहीं लेंगे क्योंकि उनकी स्पर्धायें रोस्टर का हिस्सा नहीं हैं । कलिंगा स्टेडियम परिसर के भीतर विश्व स्तरीय सुविधायें तैयार होने के बाद भारत ने विश्व एथलेटिक्स को 2028 चैम्पियनशिप की मेजबानी के लिये मनाया है । भारत को 2028 में होने वाली एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की मेजबानी मिलने की भी उम्मीद है जिस पर फैसला मई में लिया जायेगा ।

अधिकांश भारतीय एथलीटों आयोजकों और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के अधिकारियों के लिये यह नया अनुभव होगा । इंडोर स्पर्धा 200 मीटर के ट्रैक पर होगी । सबसे छोटी फर्राटा दौड़ 60 मीटर की है । ऊंची कूद पोल वॉल्ट लंबी कूद त्रिकूद और शॉटपुट को इसमें शामिल किया गया है लेकिन भालाफेंक चक्काफेंक या तारगोला फेंक जैसी थ्रो स्पर्धायें नहीं होंगी ।

राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में 300 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं जिनमें ओडिशा उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के सबसे बड़े दल हैं । आउटडोर स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी अनिमेष कुजूर मोहम्मद अफजल और प्रवीण चित्रावेल भी इसमें नजर आयेंगे ।दो दिन में पुरूष और महिला वर्ग में 11 स्पर्धायें होंगी जिनमें 60 मीटर 400 मीटर 800 मीटर 1500 मीटर 3000 मीटर 60 मीटर बाधा दौड़ ऊंची कूद पोल वॉल्ट लंबी कूद त्रिकूद और शॉटपुट शामिल हैं ।

हाल ही में पोलैंड में विश्व इंडोर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में शामिल की गई चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले इसका हिस्सा नहीं है । चार गुणा 400 मीटर महिला और पुरूष रिले पुरूष हेप्टाथलन और महिला पेंटाथलन को भी जगह नहीं दी गई है ।

’’क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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