भारतीय टीम का ‘इंटरनेशनल लिंग्युइस्टिक ओलंपियाड’ 2025 में शानदार प्रदर्शन

नयी दिल्ली, भारत की चार सदस्यीय छात्र टीम ने 20 से 27 जुलाई तक ताइवान के ताइपे में आयोजित 22वें ‘इंटरनेशनल लिंग्युइस्टिक ओलंपियाड’ (आईओएल) 2025 में एक स्वर्ण एक रजत और एक कांस्य के साथ-साथ व्यक्तिगत तौर पर दो और टीम स्तर पर एक विशिष्ट उल्लेख प्राप्त करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारतीय टीम में वागीसन सुरेंद्रन ने स्वर्ण अद्वय मिश्रा ने कांस्य पदक और नंदगोविंद अनुराग तथा सिरिपुरापु भुवन ने विशिष्ट उल्लेख प्राप्त किया। इसका नेतृत्व आईआईआईटी-हैदराबाद के प्रोफेसर परमेश्वरी कृष्णमूर्ति ने किया था।

अधिकारियों ने बताया कि आईओएल के पूर्व प्रतिभागी और आईआईआईटी-हैदराबाद में स्नातक शोधकर्ता पर्यवेक्षक अंशुल कृष्णदास भागवत भी टीम के साथ थे।

इस वर्ष का प्रदर्शन भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है क्योंकि 2009 से देश के इसमें भाग लेना शुरू करने से अब तक प्रत्येक सदस्य ने व्यक्तिगत स्तर पर पुरस्कार जीता है। यह पहली बार है जब भारतीय टीम ने टीम स्तर पर विशिष्ट उल्लेख जीता है।

आईओएल 13 ‘इंटरनेशनल साइंस ओलंपियाड’ में से एक है और यह दुनिया भर के हाई स्कूल के छात्रों को जटिल भाषाई समस्याओं को हल करने के लिए एक साथ लाता है। वर्ष 2025 में 42 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाली 57 टीमों के 227 प्रतिभागियों ने इस आयोजन में भाग लिया।

चेन्नई के मूल निवासी वागीसन कई भाषाओं और लिपियों में पारंगत हैं। उन्होंने इस जीत का श्रेय भाषा विज्ञान और समस्या-समाधान के प्रति अपने जुनून को दिया है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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