भारत और इटली ने अपने संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंचाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री की इटली यात्रा के दौरान भारत-इटली संबंधों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक पहुंचाया। यह रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, संस्कृति, समुद्री मामलों, कृषि और अनुसंधान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के एक बड़े विस्तार का प्रतीक है।संबंधों को इस उच्च स्तर तक ले जाने का उद्देश्य व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करना है, साथ ही दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के बीच संपर्क, शैक्षिक आदान-प्रदान, सांस्कृतिक साझेदारी और आवाजाही की व्यवस्थाओं को भी मजबूत बनाना है।

इस दौरे का एक अहम नतीजा ‘भारत-इटली रक्षा औद्योगिक रोडमैप’ का अनावरण था, जिसका मकसद रक्षा सहयोग को बढ़ाना, रक्षा निर्माण इकोसिस्टम को मज़बूत करना और उन्नत तकनीकों के संयुक्त विकास को बढ़ावा देना है। इस रोडमैप से भारत के रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी क्षमता निर्माण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।भारत और इटली ने महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक MoU पर भी हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य खनिजों की खोज प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और खनिज मूल्य श्रृंखला (mineral value chain) में उन्नत प्रौद्योगिकी तथा निवेश के क्षेत्र में सहयोग को मज़बूत करना है।इटली की गार्डिया डि फिनान्ज़ा और भारत के प्रवर्तन निदेशालय के बीच टैक्स अपराधों, मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ सहयोग बढ़ाने के लिए एक और समझौता किया गया; साथ ही, आर्थिक और वित्तीय जांच में क्षमता निर्माण को भी बढ़ावा दिया गया।

दोनों पक्षों ने 2027 को “भारत और इटली के बीच संस्कृति और पर्यटन वर्ष” के रूप में मनाने पर सहमति जताई, ताकि सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जा सके, दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ाया जा सके और पर्यटन क्षेत्र में रोज़गार के अवसर पैदा किए जा सकें।भारत और इटली ने भारतीय नर्सों के इटली आने-जाने को आसान बनाने पर भी सहमति जताई। इस पहल से भारतीय स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोज़गार के अवसर पैदा होने, क्षमता निर्माण में सुधार होने और भारत के स्वास्थ्य कार्यबल की गुणवत्ता को बेहतर पहचान मिलने की उम्मीद है।

गुजरात के लोथल में ‘राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर’ (National Maritime Heritage Complex) के विकास के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए। इस परियोजना का उद्देश्य आधुनिक विशेषज्ञता के माध्यम से भारतीय संस्कृति के संरक्षण में सहायता करना, ज्ञान साझा करने को प्रोत्साहित करना और भारत की समुद्री तथा सांस्कृतिक विरासत को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करना है।शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में, दोनों देशों ने उच्च शिक्षा और अनुसंधान पर एक रोडमैप अपनाया। इसका उद्देश्य संस्थागत संबंधों को मज़बूत करना, अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार करना, विशेषज्ञता और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाना, तथा भारतीय युवाओं के बीच रोज़गार क्षमता और क्षमता निर्माण को बढ़ाना है।भारत और इटली ने समुद्री परिवहन और बंदरगाहों पर भी एक MoU पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना और समुद्री क्षेत्र में रोज़गार के अवसर पैदा करना है।

भारतीय किसानों को बेहतर तकनीकों, ज्ञान और कौशल तक पहुँच प्रदान करने के लिए एक कृषि सहयोग समझौता भी किया गया, जिसके साथ-साथ सतत कृषि पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) और इटैलियन सीफ़ूड कंपनियों के संघ ने इटली को भारतीय समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और समुद्री उद्योगों में व्यापार को मज़बूत करने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए।पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में, दोनों देशों ने आयुर्वेद पर एक MoU पर हस्ताक्षर किए।

इसका उद्देश्य भारतीय आयुर्वेदिक ज्ञान को विश्व स्तर पर बढ़ावा देना, संस्थागत साझेदारियाँ बनाना और संकाय तथा छात्रों के आदान-प्रदान के माध्यम से संयुक्त अनुसंधान को सुगम बनाना है।भारत के ‘भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान’ (IITM), पुणे और इटली के CMCC ने जलवायु परिवर्तन और स्थिरता अनुसंधान पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इसका उद्देश्य संस्थागत सहयोग, छात्रों और संकाय का आदान-प्रदान, तथा संयुक्त अनुसंधान पहलों को सुगम बनाना है।विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा इटली के ‘इलेट्रा सिंक्रोट्रॉन ट्रिएस्टे’ ने भी उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान में सहयोग करने पर सहमति जताई। यह साझेदारी भारतीय शोधकर्ताओं को सिंक्रोट्रॉन विकिरण सुविधाओं तक पहुँच प्रदान करेगी, संयुक्त बीमलाइन उन्नयन में सहायता करेगी, और सामग्री तथा जीवन विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान को मज़बूत करेगी। IITM पुणे और इटली के ‘अब्दुस सलाम इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल फिजिक्स’ (ICTP) के बीच एक और समझौता हुआ है, जिसका उद्देश्य मौसम, पृथ्वी और जलवायु विज्ञान, गणित तथा क्षमता-निर्माण गतिविधियों के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक रूपरेखा तैयार करना है।https://x.com/narendramodi/status/2057089947686048181/photo/3

%d bloggers like this: