भारत और यूरोपीय संघ ने ब्रुसेल्स में 15वीं आतंकवाद-रोधी वार्ता आयोजित की

यूरोपीय संघ और भारत ने 9 सितंबर 2025 को ब्रुसेल्स में आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह (CT) की अपनी 15वीं बैठक आयोजित की।इस वार्ता की सह-अध्यक्षता यूरोपीय विदेश कार्रवाई सेवा में सुरक्षा एवं रक्षा नीति निदेशक मैसीज स्टेडजेक और भारतीय विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आतंकवाद-रोधी) के.डी. देवल ने की।दोनों पक्षों ने पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए जघन्य आतंकवादी हमले की निंदा की और यूरोपीय संघ ने निर्दोष नागरिकों की हत्या के लिए भारत के प्रति अपनी संवेदना दोहराई। दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवाद सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद की कड़ी निंदा की।

वे इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद एक वैश्विक परिघटना है और इसके लिए निरंतर एवं व्यापक रूप से ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। इस पृष्ठभूमि में, यूरोपीय संघ और भारत ने संयुक्त राष्ट्र, वैश्विक आतंकवाद निरोधी मंच (जीसीटीएफ) और एफएटीएफ जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग के महत्व पर बल दिया।इस संवाद ने घरेलू, क्षेत्रीय और वैश्विक खतरों के आकलन पर व्यापक आदान-प्रदान को सुगम बनाया। प्रतिभागियों ने इस बात पर बल दिया कि दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में अस्थिरता और संघर्ष आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करते हैं।

यूरोपीय संघ और भारत ने अपनी-अपनी आतंकवाद-रोधी नीतियों के प्रमुख विकासों पर अद्यतन जानकारी भी साझा की और आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई के महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इनमें आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने, ऑनलाइन कट्टरपंथ को रोकने, आतंकवादियों और आतंकवादी संस्थाओं को नामित करने पर निरंतर आदान-प्रदान और उभरती प्रौद्योगिकियों के निहितार्थों का समाधान करने के उपाय शामिल हैं।दोनों पक्षों ने आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया और भविष्य में सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की।संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक नई दिल्ली में पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथि पर होगी।https://x.com/EU_in_India/status/1965726205233258885/photo/1

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