भारत और रूस ने अंतरिक्ष में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई, समझौते पर हस्ताक्षर

नयी दिल्ली, भारत और रूस ने सोमवार को, मानव के साथ अंतरिक्ष उड़ान समेत अंतरिक्ष के क्षेत्र में आपसी सहयोग और प्रगाढ़ करने का संकल्प लिया और प्रक्षेपण यान के निर्माण एवं संचालन में सहयोग के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किये।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई शिखर वार्ता के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किये गए। शिखर वार्ता के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों देशों ने रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ‘रॉसकॉसमॉस’ और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के बीच सहयोग बढ़ने का स्वागत किया।

इसमें मानव के साथ अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम तथा उपग्रह नेविगेशन में सहयोग शामिल है।

बयान के अनुसार, दोनों देश प्रक्षेपण यान के विकास, बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए प्रयोग और ग्रहों की खोज के विषयों में परस्पर लाभकारी अध्ययन तथा परस्पर सहयोग पर राजी हुए।

भारत और रूस ने मानव सहित अंतरिक्ष कार्यक्रम में संयुक्त गतिविधियों को अंजाम देने के लिए रॉसकॉसमॉस तथा इसरो के बीच हुए समझौता ज्ञापन के खाके के तहत हुए कामकाज का स्वागत किया। रूस स्थित ‘यूरी गागरिन अनुसंधान एवं परीक्षण कॉस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र’ में चार भारतीयों ने भारत की मानव के साथ पहले अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए प्रशिक्षण लिया है। साझा बयान में इस पर भी संतोष जताया गया।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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