नयी दिल्ली, भारत और कनाडा ने प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर यहां चौथे दौर की वार्ता शुरू की। दोनों पक्ष इस साल बातचीत पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
18 सितंबर तक चलने वाली वार्ता में वस्तुओं एवं सेवाओं के व्यापार उत्पत्ति के नियम और तकनीकी व्यापार बाधाओं समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी।
अधिकारी ने बताया कि तीसरे दौर की वार्ता जुलाई में ओटावा में हुई थी।
दोनों देशों के 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने के लक्ष्य के अनुरूप ये वार्ताएं महत्वपूर्ण हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 8.22 प्रतिशत घटकर 7.95 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया जो वित्त वर्ष 2024-25 में 8.66 अरब अमेरिकी डॉलर था। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कनाडा को निर्यात 4.67 अरब डॉलर और आयात 3.28 अरब डॉलर रहा जबकि 2024-25 में निर्यात 4.22 अरब डॉलर और आयात 4.44 अरब डॉलर था।
भारत से कनाडा को होने वाले प्रमुख निर्यात में दवाएं लोहा और इस्पात समुद्री खाद्य सूती परिधान इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायन आदि शामिल हैं। मुख्य आयात में दलहन मोती और अर्ध-कीमती पत्थर कोयला उर्वरक कागज और कच्चा पेट्रोलियम शामिल हैं। भारत के प्रमुख सेवा निर्यात क्षेत्रों में दूरसंचार कंप्यूटर और सूचना सेवाएं तथा अन्य कारोबारी सेवाएं शामिल हैं।
कनाडा में 4 25 000 से अधिक भारतीय विद्यार्थी और एक बड़ा भारतीय समुदाय निवास करता है।
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