बीजिंग चीन ने पांच साल के अंतराल के बाद भारत के साथ सीधी उड़ानें बहाल किये जाने को सकारात्मक कदम करार दिया। चीन ने कहा कि इससे पता चलता है कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच बनी सहमति पर ‘ईमानदारी से काम’ कर रहे हैं।
चीन के आठ दिवसीय राष्ट्रीय अवकाश के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने पहली प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि उड़ानें अक्टूबर के अंत तक पुनः शुरू हो जाएंगी।
भारत ने दो अक्टूबर को घोषणा की थी कि चीन के लिए सीधी उड़ानें 26 अक्टूबर से फिर से शुरू होंगी।
गुओ ने एक सवाल के जवाब में कहा ‘‘यह नवीनतम कदम दर्शाता है कि किस प्रकार दोनों देश 31 अगस्त को तियानजिन में राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच बनी महत्वपूर्ण आम समझ पर ईमानदारी से काम कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि यह एक सक्रिय कदम है जो 2.8 अरब से अधिक चीनी और भारतीय लोगों के बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान को सुगम बनाता है।
मोदी और चिनफिंग ने तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात की थी और अक्टूबर 2024 में रूस के कज़ान में अपनी पिछली बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक और लगातार हो रही प्रगति का स्वागत किया था।
गुओ ने कहा ‘‘चीन भारत के साथ मिलकर द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में देखने और संभालने के लिए तैयार है ताकि हम अच्छे पड़ोसी की तरह मित्र बन सकें और एक-दूसरे की सफलता में मदद करने वाले साझेदार बन सकें तथा ड्रैगन और हाथी के बीच सहयोगात्मक तालमेल को साकार कर सकें ताकि दोनों देशों के लोगों के लिए अधिक ठोस परिणाम प्राप्त किए जा सकें और एशिया तथा उसके बाहर शांति और समृद्धि को कायम रखने में उचित योगदान दिया जा सके।’’
एयर चाइना जैसी चीन की विमानन कंपनियां पहले दोनों देशों के बीच उड़ानें संचालित करती थीं लेकिन उन्होंने अब तक उड़ानें पुनः शुरू करने की योजना की औपचारिक घोषणा नहीं की है।
सूत्रों ने बताया कि भारतीय विमानन कंपनी इंडिगो और चाइना ईस्टर्न दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने वाली पहली दो विमानन कंपनी होंगी। इंडिगो ने एक बयान में कहा था कि वह 26 अक्टूबर से कोलकाता से गुआंगझोउ के लिए दैनिक उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा था कि भारत और चीन अक्टूबर के अंत तक सीधी हवाई सेवाएं फिर से शुरू कर देंगे।
दोनों देशों के बीच उड़ान सेवाओं को 2020 में कोविड-19 महामारी के मद्देनजर निलंबित कर दिया गया था। पूर्वी लद्दाख में चार साल से अधिक समय तक जारी सीमा गतिरोध के मद्देनजर उन्हें बहाल नहीं किया गया था। पिछले साल अक्टूबर में दोनों पक्षों ने गतिरोध के अंतिम दो बिंदुओं देपसांग और डेमचोक से सैनिकों को पीछे हटाने का समझौता किया था।
गत कुछ महीनों में दोनों देशों ने संबंधों को सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करना भी शामिल है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common