भारत, त्रिनिदाद और टोबैगो ने शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया

विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर की त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा के परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए, जिनका उद्देश्य शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, आयुर्वेद और ऊर्जा क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करना है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच मज़बूत और भविष्योन्मुखी साझेदारी को और सुदृढ़ किया है; ये दोनों देश ऐतिहासिक संबंधों, लोगों के बीच आपसी जुड़ाव और साझा आकांक्षाओं के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

इस यात्रा के प्रमुख परिणामों में पेनल में एक स्थायी राष्ट्रीय कृत्रिम अंग केंद्र का उद्घाटन, कूवा में एक कृषि-प्रसंस्करण संयंत्र का हस्तांतरण, और “मेड इन इंडिया” लैपटॉप के पहले बैच का वितरण शामिल है।

एक पहले के भारतीय सहायता कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चे।दोनों पक्षों ने एक सोलर फोटोवोल्टिक प्रोजेक्ट, टूरिज्म में सहयोग, वेस्ट इंडीज यूनिवर्सिटी में आयुर्वेद चेयर को फिर से शुरू करने, और नेल्सन आइलैंड पर एक ऐतिहासिक भारत-सांस्कृतिक संवर्धन पहल से जुड़े समझौतों और MoU पर भी हस्ताक्षर किए।भारत ने त्रिनिदाद और टोबैगो के कई इलाकों में हेल्थ और सैनिटेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए थर्मल फॉगर्स उपलब्ध कराने में भी मदद की।https://x.com/DrSJaishankar/status/2053294856626126982/photo/1

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