नयी दिल्ली, भारत और दक्षिण कोरिया 25 मई को वृहद आर्थिक भागीदारी करार (सीईपीए) की समीक्षा पर बातचीत कर सकते हैं। इसे जनवरी 2010 में लागू किया गया था। यह बातचीत इसलिए जरूरी है क्योंकि भारत ने दक्षिण कोरिया को एक नए द्विपक्षीय व्यापार करार पर बातचीत करने का सुझाव दिया है ताकि इसे और बेहतर बनाया जा सके और व्यापार घाटे की चिंताओं को दूर किया जा सके।
अधिकारी ने कहा ‘‘दोनों देशों के अधिकारी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की समीक्षा के लिए 25 मई को मिल रहे हैं।’’ पिछले महीने यहां हुई एक द्विपक्षीय बैठक में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपने कोरिया के व्यापार मंत्री यियो हान-कू को एक नए एफटीए पर बातचीत करने का सुझाव दिया था। गोयल कई मौकों पर दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार घाटे पर भारत की चिंताओं को उठा चुके हैं।
दक्षिण कोरिया को भारत का निर्यात 2023-24 के 6.41 अरब डॉलर से 9.3 प्रतिशत घटकर 2024-25 में 5.81 अरब डॉलर रह गया है। 2024-25 में आयात 0.34 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 21 अरब डॉलर रहा। इस तरह व्यापार घाटा 15.19 अरब डॉलर रहा।
2020-21 में यह आठ अरब डॉलर था। दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा के 27 अरब डॉलर से दोगुना करके 54 अरब डॉलर तक पहुंचाने का है। इसके अलावा दोनों देश अधिक संतुलित व्यापार संबंध चाहते हैं। क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common