नयी दिल्ली, भारत दूसरी एशियाई योगासन चैंपियनशिप की मेजबानी 29 से 31 मार्च तक यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम में करेगा जिसमें कुल 16 देश भाग लेंगे। खेल मंत्रालय और योगासन भारत के सहयोग से आयोजित की जा रही इस चैंपियनशिप का उद्देश्य योगासन की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक महत्व को अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका प्रदर्शन करना है।
एशियाई ओलंपिक परिषद विश्व योगासन एशियाई योगासन और योगासन इंद्रप्रस्थ द्वारा समर्थित यह कार्यक्रम योगासन को ओलंपिक में शामिल करने की दिशा में खाका तैयार करने में मदद करेगा। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने यहां जारी विज्ञप्ति में कहा ‘‘ योग की जन्मभूमि भारत को दूसरी एशियाई योगासन चैंपियनशिप की मेजबानी करने का गौरव प्राप्त है। यह आयोजन सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं है।
यह हमारे प्राचीन ज्ञान का उत्सव है जो आधुनिक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में विकसित हो रहा है।’’ उन्होंने कहा ‘‘ हम योगासन को वैश्विक खेल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह चैंपियनशिप उस लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। हम इस आयोजन के माध्यम से योगासन की उपयोगिता खेल के संदर्भ में समझ सकेंगे।
योगासन में शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से जीवन को बदलने की शक्ति भी है।’’ एशियाई योगासन के अध्यक्ष संजय मालपानी ने चैंपियनशिप के प्रभाव पर जोर देते हुए कहा ‘‘योगासन चैंपियनशिप योगासन को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त खेल के रूप में स्थापित करने के हमारे मिशन में एक निर्णायक क्षण है। हम इसमें आधुनिक एथलेटिक उत्कृष्टता के साथ परंपरा के मिश्रण को देख रहे हैं।’’ विश्व योगासन के महासचिव जयदीप आर्य ने कहा ‘‘ इस चैंपियनशिप में पूरे एशिया के असाधारण खिलाड़ी एक मंच पर आयेंगे जो इस प्राचीन अभ्यास की ताकत लचीलापन और अनुशासन का प्रदर्शन करेगे।
’’ योगासन भारत के अध्यक्ष उदित शेठ ने कहा कि भारत इस प्राचीन खेल के भविष्य को आकार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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