कोयला क्षेत्र में निरंतर और समन्वित प्रयासों तथा सभी हितधारकों के अमूल्य योगदान के साथ, देश ने लगातार दूसरे वर्ष, 20.03.2026 को 1 अरब टन (BT) कोयला उत्पादन का ऐतिहासिक लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता और प्रमुख उद्योगों को निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
कोयले के उत्पादन का यह बढ़ा हुआ और लगातार बना रहने वाला स्तर देश को बढ़ती ऊर्जा मांगों को प्रभावी ढंग से पूरा करने में सक्षम बनाता है। साथ ही, यह बिजली क्षेत्र को कोयला-आधारित थर्मल पावर प्लांटों में कोयले के स्टॉक को रिकॉर्ड-उच्च स्तर पर बनाए रखने में भी मदद करता है। यह उपलब्धि कोयला मूल्य श्रृंखला (coal value chain) में मज़बूत योजना, कुशल कार्यान्वयन और बेहतर समन्वय को दर्शाती है, जिससे देश की आर्थिक विकास की राह में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।
कोयला मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह एक स्थिर, पारदर्शी और प्रदर्शन-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ है। सक्रिय नीतिगत हस्तक्षेपों, कड़े प्रदर्शन निगरानी और हितधारकों के साथ घनिष्ठ जुड़ाव के माध्यम से, मंत्रालय सभी क्षेत्रों में कोयले की विश्वसनीय उपलब्धता और निर्बाध संचालन सुनिश्चित कर रहा है।“विकसित भारत 2047” के राष्ट्रीय विज़न के अनुरूप, ये प्रयास एक मज़बूत ऊर्जा ढाँचा बनाने, घरेलू उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने और सतत आर्थिक विकास को गति देने के सरकार के संकल्प को और मज़बूत करते हैं।https://en.wikipedia.org/wiki/Coal_in_India#/media/File:Coal_mine_in_Dhanbad,_India.jpg