नयी दिल्ली, भारत में फार्मूला वन की वापसी की प्रक्रिया को तेज करने की कवायद में खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत में इस रेस की मेजबानी की चुनौतियां और फायदों के आकलन के लिये जल्दी ही एक कार्यबल का गठन किया जायेगा ।
चुनिंदा मीडिया से बातचीत में मांडविया ने कहा कि हाल ही में फार्मूला वन के अधिकारियों बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट के मालिकों अडानी समूह भारतीय मोटर स्पोटर्स क्लब महासंघ के प्रतिनिधियों युवा रेसर और मोटर स्पोटर्स प्रशंसकों समेत सभी हितधारकों से मुलाकात के बाद यह फैसला लिया गया ।
मांडविया ने कहा ‘‘ इस बैठक के बाद तय किया गया कि मंत्रालय चार या पांच सदस्यीय कार्यबल का गठन करेगा जो भारत में मोटर स्पोटर्स के इकोसिस्टम का विस्तृत आकलन करेगा और इसके विकास की चुनौतियों की भी समीक्षा करेगा ।’’ उन्होंने कहा ‘‘ कार्यबल यह समीक्षा करेगा कि भारत में एफवन की मेजबानी से अंतरराष्ट्रीय आर्थिक पर्यटन और निवेश संबंधी क्या लाभ होंगे । इसके अलावा प्रमुख प्राथमिकताओं बुनियादी ढांचे की जरूरतों और संचालनात्मक जरूरतों की भी समीक्षा करके अपने सुझाव खेल मंत्रालय को देगा ।’’
कार्यबल में एफएमएससीआई खेल मंत्रालय प्रदेश सरकार (उत्तर प्रदेश ) और बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट के मालिकों के प्रतिनिधि होंगे । खेल मंत्रालय ने कोई समय सीमा तय नहीं की है लेकिन यह कहा कि इसे जल्दी से जल्दी पूरा किया जायेगा । कार्यबल को रिपोर्ट जमा करने के लिये तीन महीने का समय दिया जायेगा ।
मांडविया ने कहा ‘‘ हमारा लक्ष्य 2028 में भारत में फार्मूला वन रेस की वापसी है । इसके लिये अगले साल जरूरी रूपरेखा बनाई जायेगी । क्षेत्रीय और जमीनी स्तर के मोटर स्पोर्ट केंद्रों को बढावा दिया जायेगा ।’’
भारत में 2011 से 2013 तक एफवन रेस हुई थी जिसके बाद कर संबंधी दिक्कतों और आर्थिक कारणों से इसे हटा दिया गया ।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common