नयी दिल्ली, भारत में डोपिंग को गंभीर समस्या बताते हुए विश्व डोपिंग निरोधक एजेंसी (वाडा) के अध्यक्ष विटोल्ड बांका ने कहा कि मौजूदा डोपिंग निरोधक तंत्र को और मजबूत बनाने की जरूरत है और उन्हें भारत में इसके लिये इच्छाशक्ति नजर आती है । वैश्विक डोपिंग निरोधक खुफिया और जांच नेटवर्क एशिया ओशियाना चरण की यहां आखिरी कांफ्रेंस के बाद बांका ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा ‘‘ इसमें कोई शक नहीं कि डोपिंग की समस्या भारत में विकराल है । लेकिन मुझे इससे निपटने की इच्छाशक्ति नजर आती है लेकिन इसके लिये हमें और खुफिया जानकारी लक्षित जांच और डोप शिक्षा का दायरा बढाने की जरूरत है ।’’
भारत लगातार तीसरे साल वाडा के डोप उल्लंघन के आंकड़ों में शीर्ष पर रहा है । भारत में 2030 में राष्ट्रमंडल खेल होने हैं और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का भी भारत इच्छुक है । बांका ने आगे कहा ‘‘ मैं भारत से अपील करता हूं कि डोपिंग निरोधक तंत्र को और मजबूत बनाया जाये जिसमें वाडा मदद के लिये तैयार है । मेरी खेल मंत्रालय नाडा और सीबीआई अधिकारियों से बात हुई और सभी मिलकर इस अभियान को सफल बना सकते हैं ।’’
प्रदर्शन बेहतर करने वाली दवाओं (पीईडी) की अवैध वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को निशाना बनाने वाले वाडा के ‘आपरेशन अपस्ट्रीम’ को क्या भारत में लागू किया जायेगा यह पूछने पर उन्होंने कहा ‘‘ आपरेशन अपस्ट्रीम वैश्विक अभियान है । यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरे उपमहाद्वीप एजेंसियों और देशों के लिये है । इसमें कोई शक नहीं कि अवैध पीईडी के उत्पादन और आपूर्ति में भारत अग्रणी है और ये उत्पादक तथा सप्लायर हमारे निशाने पर हैं लेकिन चूंकि अभियान गोपनीय और लंबा है तो अभी इसका ब्यौरा नहीं दिया जा सकता ।’’ आपरेशन अपस्ट्रीम के तहत 20 देशों में 250 छापेमारी करके 90 टन पीईडी बरामद किया गया जो प्रतिबंधित दवाओं के 1 . 8 बिलियन डोज के बराबर है ।
इसके साथ ही 88 अवैध प्रयोगशालाओं को बंद किया गया । बांका ने खेलों को केंद्र में रखने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को उपयोगी बताते हुए कहा ‘‘ भविष्य की योजनाओं के लिये खेलों को केंद्र में रखने का सरकार का विजन काफी उपयोगी है । इससे डोपिंग की समस्या से और मजबूती से निपटा जा सकेगा ।’’ उन्होंने कहा ‘‘ भारत ओलंपिक विश्व चैम्पियनशिप और बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी का इच्छुक है और वाडा के नियमों पर अमल किये बिना यह संभव नहीं है । हम भारत की मदद को तत्पर है और हमारा लक्ष्य सजा देना नहीं बल्कि खेलों को पाक साफ बनाने में मदद करना है ।’’डोपिंग में पकड़े जाने पर खिलाड़ियों को सजा होती है लेकिन अक्सर ड्रग देने वाले सहयोगी स्टाफ या अधिकारी बच निकलते हैं उन्हें सजा के दायरे में लाने के बारे में पूछने पर बांका ने कहा ‘‘मैं सरकारों से डोपिंग को अपराध बनाने का अनुरोध करता हूं ।’’
उन्होंने कहा ‘‘ मैं जब पोलैंड में खेल और पर्यटन मंत्री था तो कुछ साल पहले हमने डोपिंग को अपराध बनाने का कानून पारित किया । इसके तहत खिलाड़ियों को उनकी जानकारी के बिना डोपिंग की पेशकश करने वालों नाबालिग को पीईडी देने वालों को तीन साल तक की जेल हो सकती है ।’’ उन्होंने कहा ‘‘ सरकारों को इसी तरह के मजबूत डोपिंग निरोधक कानून लाने होंगे । खुफिया जानकारी के बिना दोषी डॉक्टरों और कोचों को पकड़ पाना मुश्किल है और इसी मकसद से इस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया ताकि नजरिया बदला जा सके ।’’
उन्होंने कहा ‘‘ इसलिये हमें बेहतर खुफिया जांच कार्यक्रम की जरूरत है ताकि उन लोगों को पकड़ा जा सके जो खिलाड़ियों को उनकी जानकारी के बिना डोपिंग में शामिल करते हैं ।’’ क्रिकेट की लॉस एंजिलिस ओलंपिक में वापसी के मद्देनजर भारत जैसे क्रिकेटप्रेमी देश में टेस्टिंग के आंकड़े बढाने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा ‘: आईसीसी का डोपिंग निरोधक कार्यक्रम है और हम उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं लेकिन वाडा का काम टेस्टिंग के लिये किसी खेल को शामिल करना या नहीं करने का निर्देश राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी को देना नहीं है । ’’
उन्होंने कहा ‘‘ हमारा काम यह सुनिश्चित करना है कि आम परिप्रेक्ष्य में भारत में डोपिंग रोधी तंत्र ठीक से काम कर रहा है या नहीं है । पर्याप्त संख्या में टेस्ट हो रहे हैं या नहीं । हम हर साल इसकी समीक्षा करते हैं ।’’ क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common