नयी दिल्ली, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि यह सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण है कि भारत में निर्मित दवाएं और चिकित्सा उत्पाद उच्च गुणवत्ता के हो तथा केंद्र एवं राज्य मजबूत नियामक तंत्र स्थापित करने के लिए एक साथ मिलकर काम करें।
उन्होंने कहा कि भारत का उद्देश्य है कि उसे दुनिया के सबसे सम्मानित और मान्यता प्राप्त औषधि नियामक के रूप में जाना जाए।
वह हैदराबाद में ‘औषधि : गुणवत्ता नियमन और प्रवर्तन’ पर दो दिवसीय चिंतन शिविर के समापन सत्र में बोल हे थे। इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों तथा औषधि नियामकों ने भाग लिया।
मांडविया ने कहा, ‘‘यह सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण है कि भारत में निर्मित दवाएं तथा चिकित्सा उत्पाद घरेलू तथा निर्यात दोनों बाजारों के लिए उच्च गुणवत्ता के हो। देश के संघीय लोकतांत्रिक ढांचे के तहत केंद्र तथा राज्यों दोनों को मजबूत नियामक तंत्र स्थापित करने के लिए एक साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य है कि हमें दुनिया के सबसे सम्मानित और मान्यता प्राप्त औषधि नियामक के रूप में जाना जाए। यह तभी हो सकता है जब हम देश में जेनरिक से गुणवत्तापूर्ण जेनरिक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन की ओर बढ़े।’’
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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