सिंगापुर, सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग ने रविवार को कहा कि भारत मॉस्को से सैन्य उपकरण खरीदता है इसलिए उसने संयुक्त राष्ट्र में, यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा के प्रस्ताव पर मतदान में भाग नहीं किया।
सिंगापुर की जनता को दिए गए वार्षिक संबोधन में ली ने मंदारिन भाषा में कहा, “भारत, चीन, वियतनाम और लाओस ने संयुक्त राष्ट्र में उस प्रस्ताव पर मतदान नहीं किया जिसमें यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा की गई थी। भारत रूस से सैन्य उपकरण खरीदता है।”
गौरतलब है कि फरवरी में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाया गया था जिसमें यूक्रेन पर रूस के “हमले” की “कड़ी निंदा” की गई थी और नयी दिल्ली ने यह कहते हुए उस पर मतदान में भाग नहीं लिया था कि विवाद सुलझाने के लिए संवाद ही एक रास्ता है।
प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था क्योंकि स्थायी सदस्य और फरवरी के लिए सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष रूस ने उस पर वीटो कर दिया था। ली ने कहा कि आसियान समूह का सबसे छोटा देश होने के नाते सिंगापुर के हित स्वाभाविक रूप से अन्य देशों से भिन्न हैं।
उन्होंने कहा, “इसलिए सिंगापुर ने न केवल रूस के हमले की निंदा की बल्कि उस पर प्रतिबंध भी लगाए।” ली ने कहा कि रूस की आलोचना करते हुए सिंगापुर ने अमेरिका या रूस के साथ खड़े होने का संकेत नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि सिंगापुर को अपनी स्थिति पर अडिग रहना है और मूलभूत सिद्धांतों का बचाव करना है। ली ने कहा कि कोई देश छोटा या बड़ा हो, उसकी संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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