नयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वाहन क्षेत्र का भविष्य भारत से जुड़ा है। पिछले एक साल में 2.5 करोड़ वाहनों की बिक्री और चार साल में 36 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) इस बात की पुष्टि करता है। प्रधानमंत्री ने यहां भारत मंडपम में वैश्विक वाहन प्रदर्शनी ‘भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो’ 2025 का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि भारत वाहन क्षेत्र में आगे बढ़ने और भविष्य संवारने को इच्छुक निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य है। इस साल प्रदर्शनी तीन स्थानों… राष्ट्रीय राजधानी में भारत मंडपम तथा यशोभूमि और ग्रेटर नोएडा में इंडिया एक्सपो सेंटर एवं मार्ट में आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी में वाहन कल-पुर्जों और प्रौद्योगिकियों से जुड़े 100 से अधिक नए उत्पाद पेश किए जाने की उम्मीद है।
वाहनों की यह प्रदर्शनी 17 से 22 जनवरी तक चलेगी। इसमें एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार के वाहनों के साथ-साथ गाड़ियों से जुड़ी हर वस्तु देखने को मिलेगी। मोदी ने कहा कि मोटर वाहन उद्योग नवोन्मेष तथा प्रौद्योगिकी से प्रेरित है और इस क्षेत्र का भविष्य पूर्व एशिया और भारत से जुड़ा है। उन्होंने कहा ‘‘ भारत उन सभी निवेशकों के लिए एक बेहतरीन स्थान है जो परिवहन क्षेत्र में अपना भविष्य तलाश रहे हैं।’’ मोदी ने कहा कि सरकार हर संभव सहयोग दे रही है और सभी को ‘मेक इन इंडिया मेक फॉर द वर्ल्ड’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल ने वाहन उद्योग के विकास में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल को पीएलआई (उत्पादन संबंधी प्रोत्साहन) योजना से भी बढ़ावा मिला। इससे इस क्षेत्र में 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री में मदद मिली है। इस योजना से वाहन क्षेत्र में प्रत्यक्ष रूप से 1.5 लाख से अधिक नौकरियां सृजित हुई हैं। उन्होंने कहा ‘‘ लोगों की आकांक्षाओं तथा युवाओं की ऊर्जा से प्रेरित होकर भारत का वाहन क्षेत्र अभूतपूर्व बदलाव देख रहा है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष भारत के वाहन उद्योग में करीब 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा निर्यात भी बढ़ा। ‘‘भारत में प्रतिवर्ष बिकने वाली कारों की संख्या कई देशों की जनसंख्या से भी अधिक है। प्रतिवर्ष करीब 2.5 करोड़ कारों की बिक्री भारत में लगातार बढ़ती मांग को बताती है।’’
भारत वर्तमान में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और तीसरा सबसे बड़ा यात्री वाहन बाजार है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एक ऐसी परिवहन प्रणाली का निर्माण कर रहा है जो अर्थव्यवस्था और परिवेश दोनों को सहारा देती है। इससे जीवाश्म ईंधन (कच्चा तेल) के आयात ‘बिल’ में कमी आती है। देश हरित प्रौद्योगिकी ईवी हाइड्रोजन ईंधन और जैव ईंधन के विकास पर ध्यान दे रहा है।
मोदी ने विश्वास जताया कि उनकी विरासत भारत के पूरे परिवहन क्षेत्र को प्रेरित करती रहेगी। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस प्रदशर्नी के माध्यम से भारत दुनिया के सामने अपनी कहानी बयां कर रहा है। इससे देश में निवेश बढ़ेगा तथा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन उद्योग आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ का प्रतीक बनकर उभरा है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मनोहर लाल एच डी कुमारस्वामी जीतन राम मांझी और हरदीप सिंह पुरी समेत अन्य अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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