बेंगलुरु, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने अमेरिका से बेंगलुरु में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास स्थापित करने का अनुरोध किया था और लॉस एंजिलिस में एक भारतीय राजनयिक मिशन खोलने का वादा किया है। वह भारत में पांचवें अमेरिकी वाणिज्य दूतावास खोले जाने से जुड़े एक समारोह में भाग लेने के लिए शुक्रवार को बेंगलुरु में हैं। यहां यह वाणिज्य दूतावास जल्द ही काम करना शुरू कर देगा। जयशंकर ने इसे ‘‘अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि’’ बताया। भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने अपने संबोधन में कहा कि बेंगलुरु स्थित वाणिज्य दूतावास फिलहाल वीजा सेवाएं प्रदान नहीं करेगा। जयशंकर ने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वीजा परिचालन यथाशीघ्र शुरू हो। उन्होंने कहा ‘‘जब मैं (अगले) विदेश मंत्री (मार्को) रुबियो से मिलने जाऊंगा तो मेरे लिए चर्चा का यह पहला विषय होगा। हम इसे जितनी जल्दी पूरा कर लेंगे उतना ही बेहतर होगा।’’ जयशंकर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए अमेरिका से अपील की कि वह यथाशीघ्र बेंगलुरु से वीजा जारी करना शुरू करे। उन्होंने कहा ‘‘मैं आंकड़े देख रहा था और यह देखकर बहुत खुश हुआ कि पिछले साल आरपीओ (क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय) बेंगलुरु ने 8 83 000 पासपोर्ट जारी किए। यह सिर्फ एक साल का आंकड़ा है। हिसाब लगाकर देखिए और आप पाएंगे कि यात्रा को सुचारू बनाना कितना महत्वपूर्ण है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि यहां से हर हफ्ते सैन फ्रांसिस्को के लिए तीन उड़ानें हैं। जयशंकर ने कहा ‘‘उम्मीद है कि अगर बोइंग और एयरबस अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो और भी बहुत कुछ होगा।’’ उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में वाणिज्य दूतावास की लंबे समय से मांग थी। उन्होंने कहा ‘‘पहला मेरा मानना है कि बेंगलुरू इसका हकदार था और इसकी उम्मीद भी थी।’’ उन्होंने कहा ‘‘ मुझे लगता है कि बेंगलुरु का इतना महत्वपूर्ण स्थान है कि मेरे लिए यह जरूरी है कि यहां अमेरिकी राजनयिकों की स्थायी उपस्थिति हो।’’ विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि पिछले पांच सालों में जब भी वह इस शहर में आए हैं यहां हमेशा कोई न कोई उनसे पूछा करता था ‘तो वह वाणिज्य दूतावास कब खुल रहा है ’’ उन्होंने कहा ‘‘ मैं कहूंगा कि यह (मांग) वास्तव में समाज के हर वर्ग से थी। यह व्यवसायियों की ओर से थी यह प्रौद्योगिकी जगत की ओर से थी यह शिक्षाविदों की ओर से थी। यह उन लोगों से भी थी जिनसे आप किसी रेस्तरां में मिलते हैं।’’ विदेश मंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सितंबर 2023 में अमेरिका की यात्रा के दौरान बेंगलुरु में वाणिज्य दूतावास खोलने का मुद्दा उठाया था। गार्सेटी ने कहा ‘‘आप जानते हैं भारत के साथ हमारा रिश्ता नया नहीं है। दुनिया में हमारा दूसरा वाणिज्य दूतावास यहीं भारत में था। 1776 में अमेरिका की स्वतंत्रता के बाद हमने फ्रांस के ल्योन में एक वाणिज्य दूतावास खोला और फिर दूसरा कोलकाता में खोला जो उस समय एक नए अमेरिकी राष्ट्र के लिए भारत के महत्व को दर्शाता था।’’ इस मौके पर उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने कहा कि बेंगलुरू में वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन वैश्विक मंच पर कर्नाटक के बढ़ते महत्व का प्रमाण है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common