भोपाल में 27 से 30 नवंबर तक होगा ‘विश्व रंग’ के सातवें संस्करण का आयोजन

भोपाल,  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 27 से 30 नवंबर के बीच टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य तथा कला महोत्सव  विश्व रंग  के सातवें संस्करण का आयोजन किया जाएगा  जिसका उद्घाटन राज्यपाल मंगू भाई पटेल करेंगे।  विश्व रंग  के महानिदेशक तथा रविंद्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने मंगलवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह घोषणा की और कहा कि मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन और मध्यप्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी सहित कई नामचीन हस्तियां इसमें मौजूद रहेंगी।

            उन्होंने कहा कि देश में अपनी तरह के इस अनूठे साहित्य और कला महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों के चिंतकों  विचारकों और विशेषज्ञों के साथ ही विश्व के करीब 41 देशों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे।

             चौबे ने इस आयोजन को साझा संस्कृति की मिसाल और एशिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कुंभ करार दिया और कहा कि इस महोत्सव में 80 से भी अधिक सत्र संवाद होंगे  जो विचार विमर्श और कलात्मक अभिव्यक्ति का खुला मंच रहेगा।

             उन्होंने बताया कि 2019 में शुरू हुई  विश्व रंग  की यात्रा भोपाल से शुरू हुई थी  जो मॉरीशस  श्रीलंका  नयी दिल्ली और मुंबई से होते हुए  नई ऊर्जा और नए आत्मविश्वास  से भरकर पुनः भोपाल पहुंची है।

             यह आयोजन महान भारतीय कवि  लेखक  संगीतकार  दार्शनिक और चित्रकार रवींद्रनाथ टैगोर की स्मृति में  रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा टैगोर अंतरराष्ट्रीय कला एवं संस्कृति केंद्र के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।   पहली बार मध्यप्रदेश सरकार का संस्कृति विभाग भी इस आयोजन में सहयोग कर रहा है।

             चौबे ने कहा कि भोपाल के रविन्द्र भवन में होने वाले इस महोत्सव में संगीत और लोक नृत्यों से लेकर सिनेमा और साहित्य व कला के सभी रंग मौजूद होंगे।

             उन्होंने बताया कि देश व दुनिया के 1000 से भी अधिक भाषाविद  साहित्यकार  शिक्षा शास्त्री  विज्ञान एवं तकनीकी के विशेषज्ञ  आलोचक  संस्कृतिकर्मी और पर्यावरणविद सहित मीडिया  कला  सिनेमा और मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्तियां विश्व रंग का हिस्सा बनेंगी।

             ‘स्कोप स्किल ग्लोबल यूनिवर्सिटी’ के कुलपति सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि इस महोत्सव की लोकप्रियता का स्तर उत्तरोत्तर बढ़ रहा है और इस आकर्षण की मुख्य वजह विश्व रंग की लोकतांत्रिक छवि है  जहां हर पीढ़ी की रुचि  जिज्ञासा और मनोरंजन के अनुकूल गतिविधियां होती हैं।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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