मंत्रालय ने आईओए से कराटे के प्रबंधन के लिए तदर्थ समिति गठित करने को कहा

नयी दिल्ली,  खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक  संघ (आईओए) से देश में कराटे के संचालन के लिए एक तदर्थ (एड-हॉक) समिति गठित करने को कहा है क्योंकि कई संगठन इस खेल का राष्ट्रीय महासंघ होने का दावा कर रहे हैं  जिससे “व्यवस्थित प्रशासन” प्रभावित हो रहा है और खिलाड़ियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

            आईओए अध्यक्ष पीटी उषा को लिखे पत्र में मंत्रालय ने कहा कि कराटे इस वर्ष एशियाई खेलों की सूची में शामिल है  इसलिए इसके सुशासन की संरचना सुनिश्चित करना आवश्यक है। इस स्पर्धा में कुल 56 पदक दांव पर हैं। कराटे हालांकि 2024 ओलंपिक का हिस्सा नहीं था।

            मंत्रालय ने पत्र में कहा  ‘‘ मंत्रालय  भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) से अनुरोध करता है कि संबंधित अंतरराष्ट्रीय महासंघ से परामर्श कर एक अंतरिम या तदर्थ समिति गठित की जाए  जो कराटे खेल के कार्यों की देखरेख और प्रबंधन करे।”

            उन्होंने कहा  ‘‘एशियाई खेलों तथा अन्य आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और चैंपियनशिप के मद्देनजर कराटे खिलाड़ियों की तैयारी और प्रगति को सुरक्षित रखना अनिवार्य है। अगर उचित प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने के लिए तुरंत कदम नहीं उठाए गए  तो इन प्रतियोगिताओं पर अपूरणीय प्रभाव पड़ सकता है।”

             मंत्रालय द्वारा किसी “उपयुक्त महासंघ” को मान्यता देने तक  इस समिति की जिम्मेदारियों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों का चयन भी शामिल होगा।

            वर्तमान में  ‘ऑल इंडिया कराटे-डो फेडरेशन (एआईकेडीएफ)’  ‘कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया (केएआई)’  ‘कराटे इंडिया ऑर्गनाइजेशन (केआईओ)’  ‘कराटे इंडिया और द कराटे फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीकेएफआई)’ इसके शासी प्राधिकरण होने का दावा करते हैं।

            मंत्रालय के पत्र में कहा गया  ‘‘कराटे खेल की वर्तमान स्थिति गंभीर प्रशासनिक कमियों को दर्शाती है  जिनमें अनेक दावेदारों की मौजूदगी  एकीकृत राष्ट्रीय ढांचे का अभाव  खिलाड़ियों के लिए संस्थागत स्पष्टता की कमी तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर अनिश्चितता शामिल है।’’

            इन परिस्थितियों ने खिलाड़ियों और अन्य संबंधित पक्षों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। प्रतिद्वंद्वी संगठनों के बीच कई कानूनी विवादों के कारण खेल का व्यवस्थित संचालन और विकास बाधित हुआ है।”

            मंत्रालय ने कहा कि सुशासन की कमी और गुटबाजी के कारण खिलाड़ियों के लिए नियमित प्रशिक्षण जारी रखना अत्यंत कठिन हो गया है।

            पिछले वर्ष  भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने ‘टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप (टीएजीजी)’ योजना के तहत एशियाई खेलों की तैयारी के लिए लखनऊ में 48 कराटे खिलाड़ियों के लिए 45 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया था।

            इस 45 दिवसीय शिविर में 48 खिलाड़ी  12 कोच और चार सहयोगी स्टाफ शामिल थे। इसे राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता योजना के अंतर्गत 1.42 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के साथ स्वीकृति दी गई थी।

’’क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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