इंफाल, मणिपुर सरकार ने मूल निवासियों से बाहरी व्यक्तियों के नाम पर भूमि हस्तांतरण के लिए दस्तावेज के पंजीकरण (बैनामे) पर रोक लगा दी है। एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। हालांकि सरकार ने किसी मूल निवासी व्यक्ति (आदिवासी) से किसी गैर-स्थानीय निवासी व्यक्ति के नाम भूमि हस्तांतरित किये जाने से संबंधित दस्तावेज के पंजीकरण की अनुमति इस शर्त पर दी है कि भूमि खरीदार बाहरी व्यक्ति राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
राज्य सरकार की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक अधिसूचना में भूमि संसाधन विभाग ने कहा ‘‘किसी मूल निवासी व्यक्ति से किसी बाहरी व्यक्ति को भूमि हस्तांतरण (उपहार बिक्री या बंधक द्वारा) के लिए कोई भी दस्तावेज पंजीकृत नहीं किया जाएगा।’’
लेकिन अधिसूचना के अनुसार इस प्रतिबंध में एक अपवाद भी है। बाहरी व्यक्तियों के नाम पर जमीन के हस्तांतरण पर प्रतिबंध के बावजूद इस तरह के हस्तांतरण के पंजीकरण की अनुमति इस शर्त पर दी जा सकती है कि जिस व्यक्ति के नाम पर भूमि हस्तांतरण (उपहार बिक्री या बंधक द्वारा) किया जा रहा है वह व्यक्ति मणिपुर राज्य का स्थायी निवासी हो।
अधिसूचना तुरंत प्रभाव से लागू हो गई। मणिपुर में जमीन खरीदने के इच्छुक लोगों को संबंधित जिले के उपायुक्त से संपर्क करना होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि उपायुक्तों को जमीन खरीदने से संबंधित आवेदनों का सत्यापन करके उन्हें प्रशासनिक सचिव (भूमि संसाधन) को भेजने के लिए कहा गया है।
अधिसूचना में कहा गया है कि भूमि संसाधन विभाग की एक आंतरिक समिति प्रत्येक आवेदन का सत्यापन करेगी और फिर उसे अधिकारियों के एक पैनल के समक्ष प्रस्तुत करेगी जो जमीन के विक्रय विलेख के पंजीकरण की अनुमति देने के लिए सरकार को सिफारिश करने के लिए जिम्मेदार है। अधिसूचना में कहा गया है ‘‘यह सिफारिश मणिपुर विक्रय विलेख पंजीकरण विनियमन (संशोधन) नियम 2023 के तहत की गई है।’’क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common