इंफाल, मणिपुर विधानसभा के दो कुकी विधायकों ने कहा कि समुदाय के विधायकों ने राज्य में बनने वाली सरकार में शामिल होने का कोई निर्णय नहीं लिया है जैसा कि मीडिया के एक वर्ग ने दावा किया है।विधायक चिनलुनथांग और हाओखोलेट हाओकिप ने यहां संवाददाताओं को बताया कि कुकी-जो के कई संगठनों ने हाल में राज्य की स्थिति पर चर्चा के लिए गुवाहाटी में एक बैठक की थी लेकिन विधायकों के सरकार में शामिल होने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया।
मणिपुर में मई 2023 से कुकी-जो समुदायों और मेइती समुदाय के बीच शुरू हुए जातीय संघर्ष में अब तक कम से कम 260 लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं। इस साल फरवरी में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की भाजपा नीत सरकार द्वारा इस्तीफा दिये जाने के बाद से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है। हालांकि विधानसभा को निलंबित रखा गया है।
कुकी-जो समुदाय के दोनों विधायकों ने एक बयान में कहा ‘‘गुवाहाटी की बैठक में मणिपुर में लोकप्रिय सरकार बनाने पर चर्चा हुई। हालांकि कुकी-ज़ो विधायकों ने सरकार बनाने का कोई फैसला नहीं लिया है जैसा कि दावा किया गया है। बैठक में सभी कुकी विधायक मौजूद नहीं थे।’’
यह बयान मीडिया के एक वर्ग द्वारा यह खबर दिए जाने के बाद आया है कि कुकी जो समुदाय के सभी 10 विधायकों ने मौजूदा राष्ट्रपति शासन के स्थान पर बनने वाली लोकप्रिय सरकार में शामिल होने का निर्णय लिया है।
मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में कुकी-जो समुदाय के दस विधायक हैं जिनमें से सात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य हैं।
जातीय संघर्ष के बाद कुकी-जो समुदाय के लोग जनजाति के लिए एक अलग प्रशासन की मांग कर रहे हैं।
उग्रवादी संगठन कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन और यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट ने अलग से एक बयान जारी कर कहा कि कुकी जो विधायकों ने लोकप्रिय सरकार में शामिल होने को लेकर निर्णय नहीं लिया है। इन दोनों संगठनों केंद्र और मणिपुर सरकार के साथ अभियान निलंबन (एसओओ) समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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