मणिपुर : राज्यपाल ने कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की

इंफाल, मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने बुधवार को राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की और शांति बनाए रखने के लिए रणनीति पर चर्चा की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के दो साल पूरा होने पर तीन मई को मैतेई और कुकी-जो समुदायों से संबंधित कई संगठनों के प्रस्तावित कार्यक्रमों से पहले राजभवन में सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

राजभवन द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक भल्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव सिंह 57 माउंटेन डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल एसएस कार्तिकेय एसआईबी के संयुक्त निदेशक नवदीप सिंह ग्रेवाल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और मणिपुर पुलिस के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।

विज्ञप्ति के मुताबिक बैठक में मुख्य सचिव पी के सिंह के साथ असम राइफल्स के महानिरीक्षक (दक्षिण) मेजर जनरल रावरूप सिंह और महानिरीक्षक (पूर्व) मेजर जनरल सुरेश कुमार भांभू वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बैठक में शामिल हुए। एक अधिकारी ने कहा ‘‘बैठक के दौरान हमने राज्य में वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा करने तथा शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयासों की रणनीति बनाने पर ध्यान केंद्रित किया।’

’ जोमी स्टूडेंट्स फेडरेशन (जेडएसएफ) और कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (केएसओ) ने तीन मई 2025 को जातीय संघर्ष के दो साल पूरे होने के मद्देनजर सभी से शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आग्रह किया है। मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहने वाले मैतेई समुदाय के संगठन सीओसीओएमआई ने मंगलवार को लोगों से अपील की थी कि वे तीन मई को सभी गतिविधियां रोक दें और राज्य के भविष्य पर चर्चा के लिए खुमान लम्पक स्टेडियम में आयोजित सार्वजनिक सम्मेलन में भाग लें।

फेडरेशन ऑफ सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन (एफओसीएस) ने भी घोषणा की कि इस वर्ष तीन मई को ‘‘साझा भविष्य के लिए विभाजन को पाटना’’ विषय के अंतर्गत स्मरण और एकजुटता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। मई 2023 से मैतेई और कुकी-ज़ो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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