मध्यप्रदेश : उपचुनाव स्थगित करने की याचिका पर उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग से जवाब तलब किया

जबलपुर, कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर की आशंका के देखते हुए मध्यप्रदेश में एक लोकसभा व तीन विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव को स्थगित करने का अनुरोध करते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर अदालत ने चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है।

याचिका में अनुरोध किया गया है कि कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के बाद चुनाव करवाये जाये। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक तथा न्यायाधीश विजय कुमार शुक्ला की युगल पीठ ने केंद्रीय चुनाव आयोग को मामले पर जवाब देने का निर्देश दिया है।

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे व रजत भार्गव की तरफ से दायर की गयी याचिका में प्रदेश की एक लोकसभा व तीन विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव करवाये जाने को चुनौती दी गयी है।

याचिका में कहा गया है कि राज्य चुनाव आयोग की तरफ से उच्च न्यायालय में अंडरटेकिंग दी गई थी कि प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव का आयोजन कोरोना की तीसरी लहर समाप्त होने कर करवाये जायेंगे।

याचिका में कहा गया कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा 31 जुलाई 2021 जारी रिपोर्ट के अनुसार संक्रमितों में कोरोना के डेल्टा स्वरूप से प्रभावितों की संख्या 33 प्रतिशत तक है। इस स्वरूप में संक्रमण फैलाने की ताकत ज्यादा होती है। प्रदेश के 27 जिलों में डेल्टा स्वरूप मिल चुके हैं। ऐसे में आगामी उपचुनाव कोरोना के सुपर स्प्रेडर बन सकते है, अतः उपचुनावों को फिलहाल रोका जाये।

याचिका में दमोह उपचुनाव का उल्लेख करते हुए दावा किया गया कि वहां पर संपन्न हुए उपचुनाव के कारण करीब एक हजार लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

याचिकाकर्ता ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कोरोना महामारी की तीसरी लहर आने की स्पष्ट चेतावनी दी है। वर्तमान परिस्थिति में उपचुनाव कराना जनहित में नहीं है।

युगल पीठ ने सुनवाई के बाद निर्देश जारी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई आठ सितंबर को सूचीबद्ध की। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पैरवी की।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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