मध्यस्थों को शुल्क निर्धारित करने के लिए एकतरफा तरीके से आदेश देने की शक्ति नहीं:न्यायालय

नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि मध्यस्थों को विवादों के निर्णय न के लिए अपना शुल्क निर्धारित करते हुए एकतरफा तरीके से बाध्यकारी और लागू किये जाने योग्य आदेश जारी करने की शक्ति नहीं है।

शीर्ष न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए देश में अस्थायी निर्णयन के संचालन के लिए कुछ दिशानिर्देश अपनाने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने कुछ याचिकाओं के एक समूह पर यह फैसला सुनाया।

याचिकाओं में ऑयल एंड नेचुरल गैस लिमिटेड की एक याचिका भी शामिल है। ये याचिकाएं मध्यस्थों द्वारा विवाद के निर्णयन के दौरान अपने लिए फीस तय किये जाने के मुद्दे से संबद्ध हैं।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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