महाराष्ट्र के रंजनगांव में 500 करोड़ रुपये से होगा इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर का विकास

नयी दिल्ली, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को महाराष्ट्र के रंजनगांव में एक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर के विकास की घोषणा करते हुए कहा कि इस पर 500 ​​करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

हाल के समय में महाराष्ट्र ने कई बड़ी परियोजनाएं गुजरात के हाथों गंवा दी हैं। माना जा रहा है कि यह कदम महाराष्ट्र को हाल में गंवाई परियोजनाओं की ‘भरपाई’ के लिए उठाया गया है।

इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर (ईएमसी) में 2,000-3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुटाने का लक्ष्य है। इसमें आने वाले वर्षों में पांच से छह हजार नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र को एक इलेक्ट्रॉनिक्स केंद्र बनाने के लिए हमने पुणे के रंजनगांव में एक इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर परियोजना को मंजूरी दी है। इसमें सरकार लगभग 500 करोड़ रुपये निवेश करेगी।’’

इससे पहले खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता ने अपनी 1.53 लाख करोड़ रुपये के चिप कारखाने को महाराष्ट्र के बजाय गुजरात में लगाने का फैसला किया था। इसको लेकर काफी हंगामा मचा था। इसके बाद महाराष्ट्र ने 22,000 करोड़ रुपये की टाटा-एयरबस परिवहन विमान परियोजना भी गंवा दी थी।

ईएमसी के विकास पर कुल 492.85 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें से 207.98 करोड़ रुपये का वित्त भारत सरकार देगी। वहीं 284.87 करोड़ रुपये का योगदान महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) की तरफ से किया जाएगा।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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