कोलकाता, पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा की औपचारिक शुरुआत से जुड़े अनुष्ठान शुक्रवार को पूजा पंडालों में किए गए। महाषष्ठी के अवसर पर लोगों ने सजे-धजे पंडालों में जा कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। उत्सव की शुरुआत के लिए ‘कल्पारंभ’ अनुष्ठान किया गया जबकि देवी के आह्वान के लिए ‘बोधन’ अनुष्ठान भी किया जाएगा। इस अवसर पर माताओं ने अपने बच्चों की सुख-समृद्धि और कुशलता के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने महाषष्ठी के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा “महाषष्ठी के इस पावन अवसर पर मैं सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।”
‘बोधन’ अनुष्ठान देवी दुर्गा को राक्षसों के राजा महिषासुर के खिलाफ युद्ध के लिए जागृत करने का प्रतीक है। यह अनुष्ठान भगवान राम द्वारा वर्ष के असामान्य समय पर देवी का आह्वान करने की पौराणिक कथा से जुड़ा है। इस परंपरा को ‘अकाल बोधन’ कहा जाता है।
इस बीच लोग मूर्तियों और सजावट को देखने के लिए सुबह से ही दुर्गा पूजा पंडालों में उमड़ने लगे। कोलकाता में पारंपरिक मोहल्ला पूजा से लेकर भव्य और विशेष विषयों पर आधारित सजावट वाले पंडालों तक अगले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common