माकपा नेता विजयन ने वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर सांप्रदायिक टिप्पणी की : सतीशन

तिरुवनंतपुरम,  केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता पिनराई विजयन पर आरोप लगाया कि वह वक्फ बोर्ड नियुक्तियों के मुद्दे को लेकर सांप्रदायिक टिप्पणियां करके मुस्लिम समुदाय को संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

             सतीशन ने यहां मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब बोर्ड के गठन के तरीके के खिलाफ केरल उच्च न्यायालय में कई याचिकाएं दायर की गईं तो संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार ने इन याचिकाओं को खारिज करने का अनुरोध किया और कहा कि वह याचिकाओं पर विचार करने के बाद इस वैधानिक निकाय के पुनर्गठन पर विचार करेगी।

             वक्फ बोर्ड ने 15 जुलाई के केरल उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया और कहा कि वह 2025 के संयुक्त वक्फ़ प्रबंधन  सशक्तीकरण  दक्षता और विकास अधिनियम की धारा 14 के अनुसार गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति करेगा।

             वक्फ बोर्ड ने उच्चतम न्यायालय में वही रुख अपनाया  जो केरल सरकार ने उच्च न्यायालय में अपनाया था।

             मुख्यमंत्री ने कहा  ‘‘लेकिन विपक्ष के नेता ने सांप्रदायिकता फैलाने और मुस्लिम समुदाय को सरकार के खिलाफ करने के लिए गलत और सांप्रदायिक टिप्पणियां कीं। इस मुद्दे पर विपक्ष के नेता या माकपा द्वारा सरकार को दोषी ठहराने के ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।’’

             उन्होंने कहा  ‘‘यह उनकी (विजयन की) ही सरकार थी  जिसने कहा था कि बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की नियुक्ति की जाएगी। हमने कहा था कि उच्च न्यायालय के समक्ष दायर याचिकाओं में किए गए दावों/बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए हम बोर्ड का गठन करेंगे  लेकिन इन याचिकाओं को खारिज किया जाना चाहिए।’’

             सतीशन ने कहा कि केरल का वक्फ बोर्ड देश का पहला वक्फ बोर्ड था  जिसका गठन 2025 में वक्फ अधिनियम में संशोधन के बाद किया गया था।

             उन्होंने दावा किया  ‘‘वक्फ बोर्ड ने उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के समक्ष यह रुख अपनाया है कि वह अधिनियम की धारा 14 का पालन करेगा।’’

             उन्होंने कहा कि सरकार संबंधित न्यायालय के निर्देश के अनुसार इस मामले में निर्णय लेगी।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: