गुवाहाटी, असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की चपेट में आने से 21 और लोगों की मौत से मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है। राज्य में बाढ़ से लगभग 5.65 लाख लोग प्रभावित हैं । अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने असम के ऊपरी जिलों में विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पीड़ितों से बातचीत की। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
उन्होंने शिवसागर में संवाददाताओं से कहा बाढ़ के कारण व्यापक नुकसान हुआ है। मैंने प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया है कि वे इस संकट में अकेले नहीं हैं। हमारी सरकार पुनर्वास और आजीविका के पुनर्निर्माण के हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
बाढ़ प्रभावित लोगों के एक बड़े वर्ग द्वारा राहत सामग्री न मिलने की शिकायतों पर शर्मा ने कहा कि पानी में डूबे गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने में कुछ मुश्किलें आ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा जो लोग अब भी अपने घरों में हैं उन तक पहुंचने के लिए कोई सड़क या संचार का कोई माध्यम नहीं बचा है। प्रशासन इस बात को स्वीकार करता है। हम कई जगहों पर नहीं पहुंच पाए हैं। जैसे-जैसे बाढ़ का पानी कम होगा हम उन इलाकों तक पहुंच सकेंगे। हम इस समय विमान से राहत सामग्री को भी नहीं गिरा सकते। हम लोगों की दिक्कतों को कम करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने हालांकि कहा कि जो लोग राहत शिविरों तक पहुंच गए हैं उनके लिए राहत सामग्री के वितरण में कोई कमी या समस्या नहीं है।
उन्होंने कहा ‘‘हम प्रत्येक मृतक के रिश्तेदारों या परिवारों को तुरंत चार लाख रुपये की राहत राशि देंगे। मैं भविष्य में भी उनकी मदद करने का प्रयास करूंगा।’’
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान बाढ़ में डूबने से कुल 21 लोगों की मौत हो गई है।
इनमें से शिवसागर जिले में चार महिलाओं और दो बच्चों समेत 13 लोगों की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। इसके अलावा चराइदेव में दो बच्चों समेत पांच गोलाघाट में दो और जोरहाट में एक महिला की जान चली गई।
प्राधिकरण द्वारा मंगलवार मध्यरात्रि जारी दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार विश्वनाथ चराईदेव धेमाजी डिब्रूगढ़ गोलाघाट जोरहाट कामरूप कामरूप महानगर कार्बी आंगलोंग नागांव शिवसागर और तिनसुकिया जिलों में 5 64 600 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं
शिवसागर बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिला है जहां करीब 3.6 लाख लोग प्रभावित हैं। इसके बाद जोरहाट में लगभग 88 000 और चराइदेव में 72 500 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने असम के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और अगले चार दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान जताया है।
आईएमडी के अनुसार येलो अलर्ट का अर्थ सतर्क रहने और स्थिति से संबंधित अद्यतन जानकारी पर नजर बनाए रखना है।
शर्मा ने कहा कि उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के लिए चराइदेव में स्थापित एक राहत शिविर में लोगों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि गंभीर रूप से बीमार या चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को अस्पतालों में स्थानांतरित किया जाएगा।
उन्होंने जनता को यह आश्वासन भी दिया कि बाढ़ में लोगों के खो गए सभी दस्तावेज़ों को दोबारा उपलब्ध कराने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।
राज्य में बाढ़ की स्थिति सोमवार रात की तुलना में और खराब हुई है। सोमवार रात तक 15 जिलों में लगभग 3.63 लाख लोग प्रभावित थे।
रिपोर्ट के अनुसार सेना राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा पुलिस और अन्य नागरिक एजेंसियों ने चराइदेव गोलाघाट जोरहाट और शिवसागर के विभिन्न इलाकों से 6 000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है।
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