राजगीर (बिहार) भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि टीम अतीत की नाकामियों को भुलाकर आगामी विश्व कप और ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के जरिये अपने अभियान का आगाज करेगी । तोक्यो ओलंपिक 2021 में चौथे स्थान पर रहने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने लगातार खराब दौर देखा है । यह टीम पेरिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई नहीं कर सकी और एफआईएच प्रो लीग में 16 में से 13 मैच हार गई । कोच हरेंद्र ने कहा कि उनकी टीम ने इन नाकामियों को पीछे छोड़ने के लिये काफी मेहनत की है और नीदरलैंड में 2026 में होने वाले विश्व कप और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक पर नजरें हैं । मलेशिया के खिलाफ सोमवार को होने वाले पहले मैच से पूर्व हरेंद्र ने कहा ‘‘ यह टूर्नामेंट भविष्य की हमारी योजनाओं का आधार होगा । यह 2026 विश्व कप और 2028 ओलंपिक के हमारे मिशन की शुरूआत होगी ।’’ उन्होंने कहा ‘‘ हमें सारी नाकामियों को भुलाकर अपनी गलतियों को सुधारना है । टीम में हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका बखूबी पता है । एसीटी ऐसा बड़ा मंच है जहां लड़कियां अपना कौशल दिखाकर साबित कर सकती है कि टीम सही रास्ते पर जा रही है ।’’ अमेरिकी पुरूष टीम के पूर्व मुख्य कोच रहे हरेंद्र ने कहा कि फिटनेस की कमी का खामियाजा मिला टीम को अतीत में भुगतना पड़ा है । उन्होंने कहा ‘‘ प्रो लीग में जो हुआ वह अतीत की बात है । हम उस पर ठहरे नहीं रह सकते । हमें पता है कि हम 13 मैच हारे लेकिन अब उस पर माथापच्ची करने से कोई फायदा नहीं । कारण तकनीकी नहीं रणनीति और फिटनेस से जुड़े थे । यही वजह है कि मैं उन्हें भारतीय नौसेना अकादमी लेकर गया था ।’’ उन्होंने कहा ‘‘ मैने उनसे कहा कि मैं नतीजों की परवाह नहीं करता । मैं उनकी दैनंदिनी प्रगति पर फोकस कर रहा था ।’’ भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने कहा कि ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन से मेजबान को चुनौती मिल सकती है । उन्होंने कहा ‘‘ चीन से हमें सबसे ज्यादा खतरा है लेकिन हम किसी टीम को कमतर नहीं आंक रहे । अपना दिन होने पर कोई भी टीम किसी को भी हरा सकती है ।’’क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common