मीटू आंदोलन से कुछ बदलाव जरूर आए हैं, लेकिन कई आरोपी आज भी फल-फूल रहे : कोंकणामुंबई, अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा का मानना है कि मीटू आंदोलन से कुछ सकारात्मक बदलाव जरूर आए हैं लेकिन इसके बावजूद कई आरोपी आज भी फल-फूल रहे हैं।
अपनी आने वाली फिल्म ‘एक्यूज्ड’ में कोंकणा ब्रिटेन की एक चिकित्सक की भूमिका निभा रही हैं जिस पर कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगते हैं। अनुभूति कश्यप के निर्देशन में बनी इस फिल्म में प्रतिभा रान्ता भी अहम भूमिका में हैं। कहानी एक समलैंगिक विवाहित जोड़े के जीवन पर आधारित है जिसकी जिंदगी एक आरोप के बाद पूरी तरह बदल जाती है।
कोंकणा ने पीटीआई-भाषा को दिए साक्षात्कार में कहा कि न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट ने फिल्म उद्योग में हुए उत्पीड़न को उजागर किया और यह रिपोर्ट मीटू आंदोलन की बड़ी उपलब्धि रही लेकिन कई आरोपियों को कोई ठोस सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
यह वह वास्तविकता है जिसे हम सभी जानते हैं हम उन लोगों को जानते हैं जिन पर आरोप लगाए गए हैं हम उनमें से कई लोगों को फलते-फूलते देख सकते हैं। दरअसल बहुत कुछ हम पर हम सभी पर एक समाज के रूप में निर्भर करता है कि हम किसके साथ काम करना चाहते हैं हम किसका काम देखना चाहते हैं और हम इन लोगों को कितने अवसर देते हैं।” कश्यप ने बताया कि उन्होंने भारत में आंदोलन से जुड़े कुछ प्रमुख लोगों को भी फिल्म दिखाई ताकि उनकी प्रतिक्रिया और फिल्म के बारे में उनकी राय जान सकें।
अब उन्हें उम्मीद है कि फिल्म उस उद्देश्य को आगे बढ़ाएगी जिसे आंदोलन ने शुरू किया था। कश्यप ने कहा उनमें से अधिकतर को फिल्म पसंद आई उन्होंने इसकी सराहना की लेकिन उनके लिए इसे देखना बहुत मुश्किल था क्योंकि फिल्म में कुछ अच्छा दिखाया गया है। उम्मीद है इस फिल्म से और भी लोगों को आंदोलन को जारी रखने का साहस मिलेगा। निर्देशक ने कहा कि मीटू आंदोलन द्वारा लाया गया सबसे महत्वपूर्ण बदलाव आंतरिक शिकायत समितियों (आईसीसी) का गठन और फिल्म सेट पर बेहतर बुनियादी ढांचा था।
कश्यप ने कहा इनमें से कुछ उपायों के लागू होने से कुछ अच्छा हुआ है। कुछ लोगों ने बार-बार अपनी कहानियाँ सुनाने का साहस जुटाया है जो बहुत मुश्किल होता है। यह अच्छी बात है। दुर्भाग्य से आंदोलन थोड़ा धीमा पड़ गया। लेकिन मुझे उम्मीद है कि यह आगे बढ़ेगा। लापता लेडीज़ और हीरामंडी में अपनी भूमिकाओं से प्रसिद्धि पाने वाली रान्ता ने पीड़ितों के अपनी कहानियां साझा करने के साहस की सराहना की।
उन्होंने कहा जब आपके साथ कुछ बुरा होता है तो खुलकर सामने आना बहुत बड़ी बात होती है और ऐसे कई संगठन हैं जिन्होंने लोगों को खुलकर सामने आने और अपने अनुभवों को साझा करने में मदद की है जो अच्छी बात है। कश्यप ने बताया कि धर्मा प्रोडक्शन द्वारा निर्मित उनकी फिल्म की खासियत यह है कि इसमें आरोपी एक महिला है। यह फिल्म 27 फरवरी को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common